तेहरान में सुबह-सुबह हुए कई धमाके, कुवैत की रिफाइनरी पर भी ईरान का ड्रोन हमला, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव.
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के उत्तरी इलाके में कई बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 7:30 बजे हुए इन धमाकों के दौरान आसमान में ड्रोन जैसी आवाज भी सुनी गई है. इस बीच कुवैत और इसराइल से भी बड़े हमलों की खबरें आई हैं जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और आम जनता की चिंता बढ़ गई है.
तेहरान और कुवैत में क्या नुकसान हुआ?
तेहरान में हुए इन धमाकों को इसराइल की एयरफोर्स की उस कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें शुक्रवार को मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया था. कुवैत में भी हालात सामान्य नहीं हैं क्योंकि ईरान के ड्रोनों ने कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी और एक पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाया है. कुवैत ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे काम और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है.
जंग से जुड़ी बड़ी घटनाओं की लिस्ट
| जगह | क्या हुआ | असर |
|---|---|---|
| तेहरान, ईरान | सीरीज में कई धमाके | मिसाइल रिसर्च सेंटर प्रभावित |
| मीना अल-अहमदी, कुवैत | ड्रोन हमला | तेल रिफाइनरी में लगी आग |
| इजरायल | ईरानी मिसाइल हमला | रमत गन में इमारत गिरी और बिजली गुल |
| लेबनान | यूएन सेंटर पर धमाका | इंडोनेशिया के 3 शांति सैनिक घायल |
| नेदरलैंड्स | इजरायल सेंटर पर हमला | मामूली नुकसान, जांच जारी |
अमेरिका और तुर्की का क्या कहना है?
इस जंग में अब अमेरिका का एक F-15E फाइटर जेट भी ईरान द्वारा गिरा दिया गया है जिसके एक पायलट को बचा लिया गया है जबकि दूसरे की तलाश जारी है. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा है कि उनका देश ईरान पर होने वाले हमलों या ईरान की जवाबी कार्रवाई का समर्थन नहीं करता है. खाड़ी देशों में बढ़ती इस हिंसा का असर उड़ानों और बिजनेस पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कई अहम सप्लाई रूट प्रभावित हुए हैं.




