Kuwait में वाटर प्लांट पर बड़ा हमला, WHO चीफ ने दी कड़ी चेतावनी, पानी की सप्लाई पर पड़ सकता है बुरा असर
कुवैत में पानी साफ करने वाले मुख्य प्लांट (Water Desalination Facilities) को निशाना बनाया गया है, जिस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने गहरी चिंता जताई है। WHO चीफ ने कहा कि पानी की सुविधाओं पर ऐसे हमलों से जनता की सेहत और जरूरी सेवाओं पर बेहद गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह घटना 3 अप्रैल 2026 की सुबह हुई थी, जिसके बाद से कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। कुवैत अपनी पीने के पानी की जरूरतों के लिए लगभग 90 प्रतिशत इन्ही प्लांट पर निर्भर रहता है।
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कुवैत मंत्रालय ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता Fatima Hayat ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस हमले से प्लांट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने इसे देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर एक जानबूझकर किया गया हमला करार दिया है। तकनीकी और इमरजेंसी टीमों को तुरंत काम पर लगा दिया गया है ताकि पानी और बिजली की व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें।
हमले से जुड़ी मुख्य बातें और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- हमला शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को सुबह के समय हुआ था।
- कुवैत अधिकारियों ने इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही है।
- ईरान की IRGC ने इन आरोपों को खारिज किया और इसके लिए Israel को जिम्मेदार ठहराया है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पीने के पानी की सुविधाओं पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
- उसी दिन कुवैत की Mina al-Ahmadi तेल रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमला हुआ था।
प्रवासियों और आम जनता पर क्या असर होगा
कुवैत में रहने वाले लाखों प्रवासियों, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की है, उनके लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। पानी के प्लांट पर हमला होने से आने वाले दिनों में पानी की सप्लाई में दिक्कत आ सकती है। कुवैत सरकार ने साफ किया है कि बिजली और पानी के सिस्टम की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिक्योरिटी टीमों को तैनात कर दिया गया है। यह हमला खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिससे वहां रह रहे लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हैं।




