हॉर्मुज की खाड़ी में ईरान की नई तकनीक से अमेरिका परेशान, पूर्व पायलट ने दी चेतावनी, दुबई और बहरीन में भी बढ़ा खतरा
हॉर्मुज की खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब पूर्व अमेरिकी लड़ाकू पायलट Ryan Bodenheimer ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान की हवाई और पानी के नीचे वाली युद्ध तकनीक को कम समझना अमेरिका के लिए भारी पड़ सकता है। ईरान के पास ऐसे ड्रोन हैं जो पानी के नीचे छिपकर तेल के टैंकरों को निशाना बनाने की ताकत रखते हैं। इसी बीच दुबई में एक अमेरिकी टेक कंपनी के दफ्तर और बहरीन में भी ड्रोन हमलों की खबरें आई हैं जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ईरान की नई समुद्री तकनीक और अमेरिका की टेंशन के मुख्य कारण
अमेरिकी पायलट के अनुसार ईरान के पास मानवरहित अंडरवाटर व्हीकल (UUV) हैं जो तेल के जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इन खतरों को देखते हुए Lockheed Martin जैसी कंपनियां अब नए डिफेंस सिस्टम पर काम कर रही हैं। हॉर्मुज की खाड़ी एक बहुत ही जरूरी रास्ता है और फिलहाल यहां से होने वाला जहाजों का आना-जाना 90 प्रतिशत तक कम हो गया है। ईरान ने ‘Azhdar’ नाम का एक खास ड्रोन तैयार किया है जो पानी के अंदर बिना किसी शोर के चल सकता है और माइन्स बिछाने में माहिर है।
हाल ही में हुए हमले और बड़े अधिकारियों के ताजा बयान
| घटना का प्रकार | ताजा अपडेट और जानकारी |
|---|---|
| विमान हादसा | ईरान ने हॉर्मुज के पास अमेरिकी A-10 विमान को गिराने का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने विमान के क्रैश होने और पायलट के बचने की बात कही है। |
| बहरीन में हमले | पिछले 24 घंटों के अंदर बहरीन के हवाई क्षेत्र में कम से कम 8 ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं। |
| दुबई में नुकसान | दुबई में स्थित अमेरिकी कंपनी Oracle के मुख्यालय को ड्रोन हमले से नुकसान पहुंचा है। |
| नेताओं के बयान | राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वह हॉर्मुज के रास्ते को जल्द ही खुलवा लेंगे। |
| शांति की अपील | संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने ईरान से हॉर्मुज की खाड़ी को खोलने और तनाव कम करने की अपील की है। |
ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने संकेत दिया है कि वे दूसरे समुद्री रास्तों जैसे बाब अल-मंडेब पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि समुद्री रास्ते बंद होने से सामान की सप्लाई और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 365 अमेरिकी सेवा सदस्य इस संघर्ष में घायल हो चुके हैं। हॉर्मुज की खाड़ी के इस ब्लॉक होने से पूरी दुनिया के बाजार और तेल की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।




