कुवैत में खाने-पीने की चीजों के दाम नहीं बढ़ेंगे, सरकार ने कंपनियों को दिया बड़ा सपोर्ट, नया नियम लागू.
कुवैत सरकार ने आम जनता और प्रवासियों को महंगाई से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने खाने-पीने की जरूरी चीजों की सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को काबू में रखने के लिए नया आदेश जारी किया है। अब सरकार उन कंपनियों को आर्थिक मदद देगी जो विदेशों से सामान मंगाती हैं ताकि बाजार में कीमतें स्थिर रहें। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि वैश्विक सप्लाई चेन में हो रही दिक्कतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर न पड़े।
कुवैत में खाने-पीने की चीजों पर क्या है नया नियम?
मंत्रालय ने साफ किया है कि 4 अप्रैल 2026 से नया फैसला लागू हो गया है। सरकार उन कंपनियों के अतिरिक्त खर्च को उठाएगी जो जरूरी सामान जैसे चावल, आटा और तेल आयात करती हैं। अगर ट्रांसपोर्ट के रास्ते बदलने से कंपनियों का खर्चा बढ़ता है, तो सरकार उसकी भरपाई करेगी। यह नियम 10 मार्च 2026 से आने वाली शिपमेंट पर लागू माना जाएगा और 30 जून 2026 तक जारी रहेगा। इससे कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को भी राहत मिलेगी क्योंकि बाजार में सामान की कमी नहीं होगी।
इन सामानों के नहीं बढ़ेंगे दाम और कंपनियों के लिए जरूरी शर्तें
सरकार ने जरूरी सामानों की एक पूरी लिस्ट तैयार की है जिन पर सब्सिडी और सपोर्ट मिलेगा। कंपनियों को सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा और यह साबित करना होगा कि उनका खर्च उनके कंट्रोल से बाहर के कारणों से बढ़ा है। साथ ही कंपनियों को यह लिखित में देना होगा कि वे ग्राहकों के लिए रिटेल दाम नहीं बढ़ाएंगी। नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनसे दी गई मदद वापस वसूल ली जाएगी।
| सामान का नाम | सरकारी नियम |
|---|---|
| चावल, दाल, आटा और चीनी | कीमत 28 फरवरी के स्तर पर फिक्स रहेगी |
| कुकिंग ऑयल और बेबी मिल्क | बिना इजाजत दाम बढ़ाना मना है |
| पानी की बोतल और चिकन | सप्लाई की निरंतरता जरूरी है |
| सब्जियां और अन्य राशन | निर्यात पर पूरी तरह रोक है |
वाणिज्य मंत्री ओसामा बूदाई ने कहा है कि सरकार बाजार की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। किसी भी तरह की कालाबाजारी या नाजायज कीमत वसूली को रोकने के लिए चेकिंग अभियान और भी तेज कर दिए गए हैं। लोगों की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम भी चालू किया गया है जहां वे खुद सामानों के दाम चेक कर सकते हैं और किसी भी गड़बड़ी की शिकायत इंस्पेक्टरों से कर सकते हैं।




