Saudi Arabia ने सूडान में अस्पताल पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की, कहा- यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है
सूडान में जारी हिंसा के बीच एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के अल-जुबैलैन अस्पताल (Al-Jubailain Hospital) पर ड्रोन से हमला किया गया है, जिसमें कई बेगुनाह लोगों की जान चली गई। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 4 अप्रैल 2026 को इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। इस हमले में अस्पताल के डायरेक्टर और कई मेडिकल स्टाफ की मौत हो गई है।
सूडान के अस्पताल पर हुए इस हमले में क्या-क्या हुआ?
यह हमला 2 अप्रैल 2026 को सूडान के व्हाइट नाइल स्टेट (White Nile State) में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) के ड्रोन ने अस्पताल को निशाना बनाया। उस वक्त वहां बच्चों का टीकाकरण अभियान चल रहा था, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। अस्पताल पर दो बार ड्रोन से प्रहार किया गया, जिससे ऑपरेशन थिएटर और मैटरनिटी वार्ड को भारी नुकसान पहुँचा है।
- हमले का समय: गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
- प्रमुख हताहत: अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. हामिद सुलेमान और प्रशासनिक निदेशक इल्हाम हामिद की मौत हुई है
- घायलों की संख्या: अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार 11 से 22 लोग घायल हुए हैं
- हमले का आरोपी: रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) पर हमला करने का आरोप लगा है
- स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर: WHO के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 200 से अधिक हमले स्वास्थ्य केंद्रों पर हो चुके हैं
सऊदी अरब और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने क्या कहा?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की हरकतें किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराई जा सकतीं। सऊदी सरकार ने मांग की है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए गए जेद्दा घोषणापत्र (Jeddah Declaration) का पूरी तरह पालन किया जाए। सऊदी ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल स्टाफ और अस्पतालों को युद्ध के बीच निशाना बनाना इस्लाम और अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी नियमों के खिलाफ है।
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) और अन्य समूहों ने भी इस ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे एक जघन्य अपराध बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर बढ़ते हमले सूडान में स्वास्थ्य सेवा को पूरी तरह ठप कर सकते हैं, जिससे आम जनता और प्रवासियों के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। सऊदी अरब इस मामले में लगातार शांति और नागरिकों की सुरक्षा की अपील कर रहा है।




