सऊदी अरब ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, अर्तमिस 2 मिशन और शम्स सैटेलाइट को लेकर आया बड़ा अपडेट.
सऊदी अरब ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर हासिल करने का दावा किया है। सऊदी की प्रमुख न्यूज़ वेबसाइट अखबार 24 की रिपोर्ट के अनुसार, किंगडम अर्तमिस 2 (Artemis 2) मिशन के तहत अपनी गतिविधियों को शुरू करने वाला पहला अरब देश बन गया है। इस खबर में सऊदी अरब द्वारा शम्स (Shams) नाम के एक नए सैटेलाइट के सफल लॉन्च की पुष्टि भी की गई है जिसे देश की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
अर्तमिस 2 मिशन और शम्स सैटेलाइट से जुड़ी खास बातें
सऊदी मीडिया की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 4 अप्रैल 2026 को इस मिशन की सफलता का एलान किया गया। किंगडम के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि वह अर्तमिस 2 जैसे महत्वपूर्ण मिशन में शामिल होने वाला पहला अरब राष्ट्र बन गया है। इस मिशन के तहत शम्स सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा गया है जिसका उद्देश्य तकनीकी और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देना है। इस उपलब्धि से सऊदी अरब के विज़न 2030 और अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।
नासा और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट क्या कहती है?
वही दूसरी तरफ नासा (NASA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अर्तमिस 2 मिशन की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से हुई थी। यह मिशन चांद के चारों ओर चक्कर लगाने के लिए डिजाइन किया गया है जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। इस मिशन का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| मिशन का विवरण | संबंधित जानकारी |
|---|---|
| मिशन का प्रकार | क्रूएड फ्लाईबाय (चंद्रमा के चारों ओर) |
| मुख्य एजेंसी | NASA (अमेरिका) |
| अंतरिक्ष यात्री | रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन |
| मिशन की अवधि | लगभग 10 दिन |
| सऊदी का सैटेलाइट | शम्स (Shams) |
हालांकि सऊदी मीडिया ने 4 अप्रैल को शम्स सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण की बात कही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों की वेबसाइट पर फिलहाल इस विशिष्ट सैटेलाइट के अर्तमिस मिशन के साथ जुड़ाव का अलग से विवरण मौजूद नहीं है। यह मिशन इंसानों को दोबारा चांद पर ले जाने की तैयारी का एक हिस्सा है और इसमें सऊदी अरब की भागीदारी अरब देशों के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।




