इराक़ के तेल क्षेत्रों पर बड़ा ड्रोन हमला, मिसान और बसरा में मची अफ़रातफ़री, कई मज़दूर घायल.
इराक़ में एक बार फिर तेल के कुओं और प्रोडक्शन यूनिट्स को निशाना बनाया गया है। 4 अप्रैल 2026 को मिसान प्रांत के अल-बाज़ुरगान तेल क्षेत्र पर चार ड्रोनों से हमला हुआ। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सिर्फ मिसान ही नहीं, बल्कि बसरा के पास भी विदेशी कंपनियों के ठिकानों पर हमला हुआ है, जिससे तेल उत्पादन और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इन हमलों की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
तेल क्षेत्रों पर हुए हमले में क्या-क्या हुआ नुकसान?
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, मिसान में हुए हमले में सीधे प्रोडक्शन साइट्स को टारगेट किया गया था। शुरुआती रिपोर्ट में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन तकनीकी टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। इसके साथ ही बसरा के पश्चिमी हिस्से में विदेशी तेल कंपनियों के स्टोरेज एरिया में भी आग लगने की घटना सामने आई है। ब्रिटिश पेट्रोलियम (BP) द्वारा संचालित उत्तरी रुमैला तेल क्षेत्र में दो ड्रोन गिरने से तीन इराकी कर्मचारी घायल हुए हैं। कंपनी के मुताबिक, यह हमला सामान रखने वाली जगह पर हुआ और इससे तेल निकालने के काम पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सीमा पर गोलाबारी और अन्य सैन्य गतिविधियों का विवरण
उसी दिन शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर भी गोलाबारी हुई, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और पांच लोग घायल हुए। एहतियात के तौर पर व्यापारिक गतिविधियों और यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा, इराक में सक्रिय कुछ गुटों ने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 19 ऑपरेशन करने का दावा किया है।
| जगह का नाम | घटना का प्रकार | नुकसान और घायल |
|---|---|---|
| अल-बाज़ुरगान (मिसान) | 4 ड्रोन हमले | जांच जारी, कोई मौत नहीं |
| उत्तरी रुमैला (बसरा) | 2 ड्रोन हमले | 3 कर्मचारी घायल |
| शलमचेह बॉर्डर | गोलाबारी | 1 की मौत, 5 घायल |
| अमेरिकी बेस | मिसाइल और ड्रोन | 19 अलग-अलग हमले |
इराक़ी सुरक्षा बलों ने बताया कि वे इस समय पूरी तरह अलर्ट पर हैं। मिसान और बसरा जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सऊदी न्यूज ने भी इस हमले की पुष्टि की है और बताया है कि स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर सुरक्षा इंतजामों को दोबारा परख रही हैं।




