ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर लगाया बड़ा आरोप, गल्फ के कई देशों में हुआ हमला, भारतीयों के लिए बढ़ी चिंता.
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब बहुत ही गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका और इसराइल पर आरोप लगाया है कि वे उसके बिजली घरों और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं पर हमले कर रहे हैं। ईरान ने इन हमलों को ‘वॉर क्राइम’ और ‘स्टेट टेररिज्म’ का नाम दिया है। इस टकराव का असर अब गल्फ के दूसरे देशों में भी दिखने लगा है, जिससे वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के बीच डर का माहौल बन गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या हैं ताज़ा हालात?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिका और इसराइल की कड़ी निंदा की है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की बिजली घरों को उड़ाने की धमकी एक बड़ा अपराध है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उनके दूतावासों पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र में इसराइली दूतावासों को निशाना बनाएंगे। दूसरी तरफ अमेरिका का कहना है कि वे अपनी रक्षा के लिए ये कदम उठा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों ने भी इन हमलों को गलत बताया है और कहा है कि आम जनता की सुविधाओं को निशाना बनाना नियमों के खिलाफ है।
गल्फ देशों में कहां-कहां हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
पिछले 24 घंटों में गल्फ क्षेत्र के कई हिस्सों में हमले और नुकसान की खबरें सामने आई हैं। ईरान की सेना IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका और इसराइल के ठिकानों को निशाना बनाया है। इसकी वजह से कई जगह बिजली गुल हुई है और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि कहां क्या हुआ है:
| जगह (Location) | क्या हुआ (Impact) |
|---|---|
| UAE (Dubai) | Oracle कंपनी के दफ्तर पर ड्रोन हमले की खबर है। |
| Kuwait | बुनियादी ढांचे को नुकसान होने की वजह से बिजली कट गई। |
| Bahrain | एक जहाज और अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया गया। |
| Israel | मिसाइल हमलों की वजह से तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों में बिजली गुल हुई। |
| Iran (Bushehr) | परमाणु केंद्र के पास हवाई हमले में एक गार्ड की मौत और बिल्डिंग को नुकसान हुआ। |
भारतीय प्रवासियों और आम जनता पर क्या होगा असर?
गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है। खासकर UAE और कुवैत जैसे देशों में बिजली और जरूरी सेवाओं पर असर पड़ने से रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं ने भी चिंता जताई है कि आम जनता के काम आने वाली चीजों पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल कई देशों के विशेषज्ञ इस मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तनाव कम होता नहीं दिख रहा है।




