सीरिया ने इसराइली हमले के डर से बंद किया बॉर्डर, जदीदत याबूस क्रॉसिंग पर यात्रियों की आवाजाही रुकी.
सीरिया ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लेबनान के साथ अपनी सीमा पर स्थित जदीदत याबूस (Jdeidat Yabous) क्रॉसिंग को फिलहाल बंद कर दिया है। यह फैसला इसराइल की उस चेतावनी के बाद लिया गया है जिसमें उसने मसना (Masnaa) क्रॉसिंग की ओर जाने वाली सड़क पर हमला करने की बात कही थी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों और सीमा पर काम करने वाले कर्मचारियों की जान बचाने के लिए एक एहतियाती उपाय के तौर पर उठाया गया है।
बॉर्डर बंद करने की मुख्य वजह क्या है?
सीरियाई जनरल अथॉरिटी फॉर बॉर्डर्स एंड कस्टम्स के जनसंपर्क निदेशक माज़ेन अलौश (Mazen Alloush) ने बताया कि यह फैसला पूरी तरह से सुरक्षा से जुड़ा है। इसराइली सेना के प्रवक्ता अविचाई अदराई (Avichay Adraee) ने दावा किया था कि हिजबुल्लाह समूह मसना क्रॉसिंग का इस्तेमाल सैन्य सामान और हथियारों की तस्करी के लिए कर रहा है। इस चेतावनी के बाद वहां रहने वाले लोगों को जगह खाली करने के लिए कहा गया था। सीरियाई प्रशासन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह क्रॉसिंग केवल आम लोगों की आवाजाही के लिए है और यहां कोई भी सैन्य ग्रुप मौजूद नहीं है।
यात्रियों के लिए क्या है मौजूदा स्थिति?
जदीदत याबूस क्रॉसिंग पर वर्तमान में सभी तरह की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सुरक्षा की स्थिति बेहतर नहीं हो जाती और संभावित खतरा कम नहीं हो जाता, तब तक ऑपरेशन फिर से शुरू नहीं किए जाएंगे।
| क्रॉसिंग का नाम | संबंधित देश | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| जदीदत याबूस (Jdeidat Yabous) | सीरिया | अस्थायी रूप से बंद |
| मसना (Masnaa) | लेबनान | खतरे की चेतावनी जारी |
सुरक्षा और नियमों पर सरकारी बयान
सीरियाई अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि जदीदत याबूस क्रॉसिंग पूरी तरह से कानूनी और नागरिक ढांचे के तहत काम करती है। वहां मौजूद सुरक्षा बल केवल प्रशासनिक और नागरिक सुरक्षा का काम देखते हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीरिया ने फिलहाल बॉर्डर को बंद रखने का निर्णय लिया है ताकि किसी भी हवाई हमले या जमीनी कार्रवाई से आम लोगों को नुकसान न पहुंचे। स्थिति सामान्य होते ही सीमा को फिर से खोलने की योजना है।




