ईरान में अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर जनजातीय समूहों ने की फायरिंग, लापता पायलट को खोजने के दौरान हुआ हमला
पश्चिम एशिया में संकट गहराता जा रहा है और अब ईरान के अंदर से अमेरिकी सेना पर हमले की खबर आई है। लापता अमेरिकी पायलट की तलाश में जुटे हेलीकॉप्टरों पर ईरानी जनजातीय समूहों ने फायरिंग की है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब सेना अपने एक गिरे हुए F-15E लड़ाकू विमान के चालक दल के सदस्य को ढूंढ रही थी। ईरान की सेना ने इस हमले को अपनी जीत बताया है और क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी है।
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बचाव अभियान के दौरान कैसे भड़की हिंसा?
शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद शनिवार को जब दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर लापता पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए ईरानी सीमा के भीतर पहुंचे, तो उन पर जमीनी हमला हुआ। ईरानी सरकारी मीडिया ने ऐसे फुटेज दिखाए हैं जिसमें स्थानीय लोग अमेरिकी विमानों पर गोलियां चला रहे हैं। हालांकि अमेरिकी हेलीकॉप्टर सुरक्षित वापस बेस पर पहुंच गए, लेकिन खबर है कि इसमें कुछ सैनिक घायल हुए हैं।
इस घटना से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| विमान का नाम | F-15E और A-10 वारथॉग |
| घटना का स्थान | ईरान की हवाई सीमा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य |
| ईरान का रुख | स्थानीय लोगों को पायलट पकड़ने पर इनाम का वादा |
| अमेरिका की चेतावनी | डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया |
| IRGC का दावा | आसमान पर नियंत्रण के लिए नया डिफेंस सिस्टम लगाया |
ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाघरी ने इस दिन को अमेरिका के लिए एक अपमानजनक दिन करार दिया है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अपने लापता सैनिक को खोजने के लिए ऑपरेशन जारी रखेगा। कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के गवर्नर ने पायलट को पकड़ने या मारने वाले को विशेष सम्मान देने की बात कही है। इस पूरी घटना ने अमेरिका की हवाई श्रेष्ठता के दावों को चुनौती दी है और क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।




