ईरान के 30 से ज़्यादा विश्वविद्यालयों पर हमला, अमेरिका और इसराइल पर लगा आरोप, 5 प्रोफेसर और 60 छात्रों की मौत.
ईरान और इसराइल-अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब शिक्षा संस्थानों तक पहुँच गया है जिससे भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं. ईरान के विज्ञान मंत्री Hossein Simaei Saraf ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष के बाद से देश के कम से कम 30 विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया गया है. शुक्रवार 3 अप्रैल को तेहरान की Shahid Beheshti University के एक रिसर्च सेंटर पर हुए हवाई हमले ने सबको चौंका दिया है क्योंकि इससे रिसर्च सेंटर के साथ-साथ पास के हॉस्टल को भी नुकसान पहुँचा है.
हमले में हुई मौतों और नुकसान का पूरा विवरण
ईरानी सरकार ने इन हमलों में हुए जान-माल के नुकसान का डेटा साझा किया है. विज्ञान मंत्री के अनुसार इन हमलों में अब तक कई बड़े संस्थानों को नुकसान पहुँचाया गया है और कई लोगों की जान गई है. इसकी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- कुल मौतें: हमलों में अब तक 5 यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और 60 से ज़्यादा छात्र अपनी जान गँवा चुके हैं.
- प्रमुख शहीद: मरने वालों में Iran University of Science and Technology के प्रोफेसर Saeed Shamghadri भी शामिल हैं.
- निशाना बने संस्थान: शाहिद बेहिश्ती यूनिवर्सिटी के अलावा तेहरान की साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, Isfahan University of Technology और Imam Hossein University को भी निशाना बनाया गया है.
- अन्य नुकसान: तेहरान का मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शुक्रवार को हमले की चपेट में आया था.
ईरान सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
ईरान के विज्ञान मंत्री ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इन्हें मानवता के खिलाफ अपराध बताया है. उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है. मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति के पुराने बयानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचों को तबाह करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लग रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी ईरान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक 20 स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया गया है और ईरान की रेड क्रीसेंट ने 307 स्वास्थ्य और आपातकालीन देखभाल केंद्रों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की है.
Shahid Beheshti University ने इस हमले को ज्ञान और शोध की आज़ादी पर हमला बताया है. यूनिवर्सिटी ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक समुदाय से इस मामले में आवाज़ उठाने की अपील की है. दूसरी तरफ ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इसरायली हितों वाले विश्वविद्यालयों को निशाना बनाकर इसका बदला ले सकता है. अभी तक अमेरिका और इसराइल की ओर से इन विशेष ठिकानों पर हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.




