Lebanon Israel War: दक्षिण लेबनान में इसराइली हवाई हमले तेज़, कई लोगों की मौत और अस्पताल को पहुँचा भारी नुकसान
दक्षिण लेबनान में हालात काफी खराब हो गए हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 5 अप्रैल 2026 को हुए इसराइली हवाई हमलों में कई लोगों की जान चली गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। अल जजीरा और स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, टायर शहर और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिससे आम जनता और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है। मार्च के बाद से अब तक इस क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 1,400 के पार पहुँच गई है।
लेबनान में किन इलाकों पर हुए हमले और कितना हुआ नुकसान?
इसराइली वायुसेना ने दक्षिण लेबनान के कई रिहायशी इलाकों और शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। टायर शहर में हुए हमलों से एक बड़े अस्पताल और मुख्य इमारतों को काफी नुकसान पहुँचा है, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने सेवा जारी रखने की बात कही है। कफर हट्टा में हुए हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर है, जबकि मारका इलाके में 5 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा बाराशित में एक मस्जिद पूरी तरह तबाह हो गई है और पश्चिमी बेका में एक महत्वपूर्ण पुल को भी निशाना बनाया गया है।
सीमा पर तनाव और अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षकों की स्थिति
सीमाई इलाकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष के कई बड़े प्रभाव देखने को मिल रहे हैं जो इस प्रकार हैं:
- मसनआ क्रॉसिंग के पास हमले की चेतावनी के बाद लेबनान और सीरिया के बीच का मुख्य रास्ता खाली करा दिया गया है।
- इंडोनेशिया के तीन संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक (UNIFIL) इस संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं।
- संयुक्त राष्ट्र ने इसराइली सेना पर शांति रक्षकों के 17 निगरानी कैमरों को नष्ट करने का आरोप लगाया है।
- हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इसराइल के शहरों और इसराइली सैनिकों पर जवाबी हमले करने का दावा किया है।
- इसराइली सेना का एक सैनिक शेबा गांव में अपनी ही सेना की गोलीबारी में मारा गया है।
अस्पतालों और आम नागरिकों पर हमलों की रिपोर्ट
पिछले 24 घंटों में हिंसा में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें 54 लोग मारे गए और 156 घायल हुए हैं। हब्बुश में हुए एक हमले में दो छोटी लड़कियों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हुए हैं। टायर के पास अल-हौश में हुए हमले में तीन पैरामेडिक्स सहित 18 लोग घायल हुए। इसराइली सेना ने कई इलाकों को खाली करने का आदेश दिया है, जिससे लोगों में भारी डर का माहौल है और लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भाग रहे हैं।




