लेबनान हमले में शहीद हुए 3 इंडोनेशियाई शांति सैनिकों का हुआ अंतिम संस्कार, सेना ने बंकर में रहने का दिया आदेश.
लेबनान में जारी संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाने वाले इंडोनेशिया के तीन शांति सैनिकों का आज रविवार को उनके पैतृक निवास स्थानों पर पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ये सैनिक दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) का हिस्सा थे। शनिवार को इन सैनिकों के पार्थिव शरीर जकार्ता पहुंचे थे, जहां राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने खुद मौजूद रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस घटना के बाद इंडोनेशिया ने संयुक्त राष्ट्र से इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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इन शांति सैनिकों की मौत और घायल होने की क्या है पूरी जानकारी?
शांति सैनिकों की मौत अलग-अलग हमलों के दौरान हुई है। 29 मार्च 2026 को 28 साल के फरीज़ल रोमाधोन की मौत एक धमाके में हुई थी, जिसे इज़राइली टैंक से हुई गोलाबारी बताया गया है। इसके बाद 30 मार्च को ज़ुल्मी आदित्य इस्कंदर और मुहम्मद नूर इचवान एक रसद काफिले पर हुए धमाके में अपनी जान गंवा बैठे। लेबनान में इज़राइल और हिज़बुल्ला के बीच चल रहे इस युद्ध की वजह से अब तक कुल 8 इंडोनेशियाई सैनिक घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
इंडोनेशिया सरकार और संयुक्त राष्ट्र ने क्या आधिकारिक कदम उठाए हैं?
- इंडोनेशिया के सैन्य प्रमुख जनरल एगुस सुबियंतो ने लेबनान में तैनात बाकी सभी सैनिकों को फिलहाल बंकरों में रहने का आदेश दिया है।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
- इंडोनेशिया सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से शांति सैनिकों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए तुरंत एक बैठक बुलाने की मांग की है।
- सेना ने अपने सभी शांति सैनिकों को फिलहाल बाहरी गतिविधियों से बचने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
- मारे गए सैनिकों के परिवारों को संयुक्त राष्ट्र और इंडोनेशिया सरकार दोनों की तरफ से मुआवजा देने का फैसला लिया गया है।




