Bangladesh Fuel Crisis: ढाका में तेल की किल्लत को लेकर सड़कों पर उतरी भीड़, मिडिल ईस्ट युद्ध का दिखने लगा असर
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में ईंधन की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में आ रही कमी को लेकर सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बाधित हुई है, जिसका सीधा असर अब बांग्लादेश के आम नागरिकों पर पड़ रहा है। ढाका की सड़कों पर लोग तेल की कमी और महंगी कीमतों के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए।
तेल की कीमतों और सरकारी सप्लाई का ताज़ा हाल
बांग्लादेश सरकार ने अप्रैल महीने के लिए ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने का फैसला किया था लेकिन ज़मीनी हालात अलग नज़र आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार फिलहाल तेल की कीमतें और सप्लाई की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| ईंधन का प्रकार | कीमत (प्रति लीटर) | सप्लाई की स्थिति |
|---|---|---|
| डीजल | 100 BDT | कमी की शिकायतें |
| ऑक्टेन | 120 BDT | सीमित उपलब्धता |
| बाज़ार बंद होने का समय | शाम 6:00 बजे तक | नया नियम लागू |
| मंत्रालय खर्च कटौती | 30 प्रतिशत | आदेश जारी |
सरकार ने पहले आश्वासन दिया था कि अप्रैल के महीने में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। हालांकि 3 अप्रैल को स्थानीय सरकार और विकास मंत्रालय ने तेल बचाने के लिए कड़े कदम उठाने की घोषणा की थी। इन नियमों के तहत देश भर में बाज़ारों को शाम 6 बजे ही बंद करने का निर्देश दिया गया है ताकि ऊर्जा की खपत कम की जा सके।
संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है सरकार?
ईंधन की कमी और आम जनता के गुस्से को देखते हुए सरकार ने आपातकालीन तेल आयात करने की योजना बनाई है। कैबिनेट कमेटी ने 4 अप्रैल को डीजल और ऑक्टेन के तत्काल आयात के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री ने भी साफ किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है, जिसके चलते भविष्य में तेल की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है।
वहीं 2 अप्रैल की रिपोर्टों के अनुसार, एशिया के कुछ हिस्सों में तेल की कमी की वजह से अफरातफरी और लूटपाट जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इन हालातों को देखते हुए गैस स्टेशनों पर तेल देने की सीमा तय कर दी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। सरकार अब लगातार कोशिश कर रही है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद देश में तेल की सप्लाई को टूटने न दिया जाए।




