Damascus में UAE दूतावास पर हमला, भीड़ ने की तोड़फोड़ की कोशिश, सऊदी और कुवैत ने सीरिया को दी सख्त चेतावनी
सीरिया की राजधानी दमिश्क (Damascus) में 4 अप्रैल 2026 को UAE के दूतावास पर हमला हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और उपद्रव किया. इस घटना के बाद खाड़ी देशों सहित पूरी दुनिया में इसकी आलोचना हो रही है. मुस्लिम वर्ल्ड लीग (Muslim World League) और गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. UAE सरकार ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन बताया है और सुरक्षा में कमी पर सवाल उठाए हैं.
इन देशों और संगठनों ने जताई कड़ी नाराजगी
हमले की जानकारी मिलते ही सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन ने 5 अप्रैल को आधिकारिक बयान जारी कर अपना विरोध दर्ज कराया है. इन देशों का कहना है कि किसी भी देश के राजनयिक मिशन पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अमेरिका के दूत टॉम बैरक (Tom Barrack) ने भी सीरिया से अपील की है कि वह सभी विदेशी दूतावासों की सुरक्षा का ध्यान रखे. मिस्र और अरब संसद ने भी वियना कन्वेंशन (Vienna Convention) के तहत सुरक्षा देने की बात दोहराई है.
| देश/संगठन | प्रतिक्रिया का मुख्य बिंदु |
|---|---|
| Saudi Arabia | राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की. |
| Kuwait | वियना कन्वेंशन का उल्लंघन बताया और जवाबदेही की मांग की. |
| Qatar | इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया. |
| GCC | दोषियों को सजा देने और सुरक्षा पुख्ता करने पर जोर दिया. |
| Egypt | दूतावासों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों को सर्वोपरि बताया. |
UAE और सीरिया की ओर से क्या कहा गया?
UAE के विदेश मंत्रालय ने सीरिया सरकार से मांग की है कि वह इस मामले की गहराई से जांच करे और दोषियों को पकड़े. UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार Dr. Anwar Gargash ने इसे सुरक्षा माहौल में बड़ी लापरवाही बताया है. दूसरी तरफ, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वे दूतावासों की सुरक्षा के अपने वादे पर कायम हैं. सीरियाई पुलिस का कहना है कि उन्होंने भीड़ को दूतावास में घुसने से पहले ही रोक दिया था और प्रदर्शनकारियों की यह हरकत सीरिया के लोगों के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करती है.




