Saudi Arabia Defense: सऊदी अरब ने हवा में मार गिराया मिसाइल, 3 मार्च से अब तक 799 ड्रोन और 95 मिसाइलों का किया खात्मा.
सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने रविवार को एक क्रूज मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि 3 मार्च के बाद पहली बार शनिवार 4 अप्रैल को ऐसा दिन रहा जब राज्य पर कोई हमला रिकॉर्ड नहीं किया गया। पिछले एक महीने में सऊदी अरब की सीमाओं पर हमलों की संख्या काफी अधिक रही है, लेकिन डिफेंस सिस्टम पूरी मजबूती से काम कर रहे हैं।
3 मार्च से अब तक हुए हमलों का पूरा डेटा
सऊदी रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में देश पर सैकड़ों हमले करने की कोशिश की गई है। इन हमलों में ड्रोन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया गया है। नीचे दी गई टेबल में आप पूरी जानकारी देख सकते हैं:
| हमले का प्रकार | कुल संख्या | सबसे ज्यादा हमले वाले दिन |
|---|---|---|
| ड्रोन (Drones) | 799 | 21 मार्च (62 ड्रोन) |
| बैलिस्टिक मिसाइल | 86 | 18 मार्च (12 मिसाइल) |
| क्रूज मिसाइल | 9 | 5 मार्च (3 मिसाइल) |
इन हमलों का निशाना रियाद, अल-खर्ज और पूर्वी प्रांत जैसे इलाके रहे हैं। सुरक्षा बलों ने ज्यादातर खतरों को उनके लक्ष्य तक पहुँचने से पहले ही हवा में खत्म कर दिया। हालांकि, 1 अप्रैल को अल-खर्ज में ड्रोन इंटरसेप्ट होने के बाद गिरे मलबे से दो लोग घायल हो गए थे।
आम लोगों के लिए नियम और पड़ोसी देशों का हाल
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एक नई सर्विस शुरू की है जिसके तहत अब सऊदी में रहने वाले नागरिक और प्रवासी Tawakkalna एप्लीकेशन के जरिए किसी भी संदिग्ध हवाई हलचल की जानकारी दे सकते हैं। मेजर जनरल अल-मल्की ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा में एक बड़ा कदम बताया है। इसके अलावा पड़ोसी देशों में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है:
- UAE के डिफेंस सिस्टम ने 4 अप्रैल को ईरान की तरफ से आए 23 मिसाइलों और 56 ड्रोन को मार गिराया।
- 3 अप्रैल को ईरान ने कुवैत की तरफ भी दो क्रूज मिसाइलें दागी थीं।
- सऊदी अरब की वायु सेना प्रिंस सुल्तान एयर बेस और अन्य महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
- खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
यह सारी घटनाएं फरवरी के अंत से शुरू हुए क्षेत्रीय संघर्ष के बाद से लगातार बढ़ रही हैं, जिसके कारण पूरे गल्फ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।




