ईरान के एयर डिफेंस कमांडर जनरल मसूद ज़ारे की मौत, अमेरिका और इसराइल के हमले से खाड़ी में तनाव बढ़ा.
5 अप्रैल 2026 को ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी ने खबर दी है कि ईरानी सेना के एयर डिफेंस कॉलेज के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मसूद ज़ारे एक अमेरिकी और इसरायली हमले में मारे गए हैं। यह हमला ईरानी क्षेत्र के भीतर किया गया जिससे स्थिति काफी खराब हो गई है। इस घटना के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि वह उनके आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर पड़ने की संभावना है।
ईरान और इसराइल के बीच युद्ध जैसे हालात
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार जनरल मसूद ज़ारे की मौत की खबर के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य हलचल बढ़ गई है। कतर के विदेश मंत्री ने इन हमलों की निंदा की है और शांति बनाए रखने की अपील की है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी ऊर्जा केंद्रों पर हमले हुए तो इसके नतीजे काबू से बाहर हो सकते हैं। इस बीच इसरायली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भी कई हवाई हमले किए हैं जिससे आम लोगों और अंतरराष्ट्रीय कर्मियों के लिए खतरा बढ़ गया है।
UAE और पड़ोसी देशों पर हमले का असर
इस तनाव का असर खाड़ी के दूसरे देशों पर भी पड़ा है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आए 23 मिसाइलों और 56 ड्रोनों को मार गिराया है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे हवाई यातायात और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है। इस संघर्ष से जुड़ी अन्य प्रमुख घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| जगह | मुख्य घटना का विवरण |
|---|---|
| UAE, कुवैत, बहरीन | ईरान द्वारा पेट्रोकेमिकल केंद्रों पर हमले का दावा किया गया |
| इराक | ईरान से आने वाली गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई |
| बसरा (ईरान) | परमाणु केंद्र के पास हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई |
| अहवाज़ (ईरान) | कासिम सुलेमानी एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला हुआ |
| इसफ़हान के दक्षिण में | दो अमेरिकी विमान और दो हेलीकॉप्टर गिराने का ईरानी दावा |
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ईरान के अंदर एक बचाव अभियान चलाकर अपने एक सैन्य अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला है। हालांकि इस दौरान अमेरिका को अपने दो मालवाहक विमानों को खुद ही नष्ट करना पड़ा ताकि वे ईरान के हाथ न लग सकें। वर्तमान में खाड़ी देशों के बीच तनाव चरम पर है और ईरान लगातार जवाबी हमले की बात कह रहा है।




