Qatar और Kuwait के बीच बड़ी बैठक, ईरान के हमलों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा, कतर ने रोके मिसाइल.
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के बीच लुसैल पैलेस में एक अहम मुलाकात हुई। यह बैठक 5 अप्रैल 2026 को हुई जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को मजबूत करने और इलाके में बढ़ रहे सैन्य हमलों को रोकने के तरीकों पर गंभीर चर्चा की। इस मुलाकात में कतर के प्रधानमंत्री भी मौजूद रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हमलों पर क्या बात हुई?
बैठक के दौरान कतर और कुवैत ने क्षेत्र में हो रहे सैन्य हमलों और इसके अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई। कतर के प्रधानमंत्री ने कुवैत के तेल क्षेत्र और सरकारी दफ्तरों पर हुए ईरानी ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की। उसी दिन कतर ने भी अपनी सीमा में ईरान की तरफ से आए ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया था। दोनों नेताओं ने विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और आपस में तालमेल और बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया ताकि संकट को और बढ़ने से रोका जा सके।
बैठक की मुख्य बातें और जरूरी जानकारी
इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्र की स्थिरता को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
- कुवैत के विदेश मंत्री ने कतर के अमीर को कुवैती अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह का संदेश और शुभकामनाएं दीं।
- कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने कुवैती विदेश मंत्री के साथ सैन्य तनाव और इसके परिणामों पर चर्चा की।
- बैठक में कुवैत के तेल क्षेत्र (KPC) पर हुए ड्रोन हमलों से हुए नुकसान और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी बातचीत हुई।
- खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों के लिए यह शांति की पहल काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा सीधे उनके जीवन और काम पर असर डालती है।
यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी खाड़ी देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए बैठकें कर रही है। दोनों देशों ने भविष्य में सुरक्षा और व्यापार को लेकर आपसी साझेदारी जारी रखने का फैसला किया है।




