Maldives President ने ईरान को सेना भेजने के दावों पर दी सफाई, बताया युद्ध पर क्या है असली नीति
सोशल मीडिया पर Maldives के राष्ट्रपति Dr. Mohamed Muizzu को लेकर एक खबर खूब वायरल हो रही है जिसमें कहा गया है कि वे ईरान की मदद के लिए अपनी सेना भेजेंगे. इस खबर ने दुनिया भर में और विशेषकर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच काफी भ्रम पैदा कर दिया है. सच्चाई यह है कि Maldives सरकार ने शांति की अपील की है और किसी भी युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से साफ़ इनकार किया है. राष्ट्रपति ने साफ़ शब्दों में कहा है कि उनका देश किसी भी सैन्य गतिविधि के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा.
Maldives की सैन्य नीति और आधिकारिक बयान
राष्ट्रपति Dr. Mohamed Muizzu ने स्पष्ट किया है कि Maldives अपनी सीमा का उपयोग किसी भी देश द्वारा युद्ध के लिए नहीं करने देगा. इसमें ज़मीन, समुद्र और हवाई क्षेत्र तीनों शामिल हैं. Defence Minister Mohamed Ghassan Maumoon ने भी मार्च 2026 में यह बात दोहराई थी कि देश किसी भी सैन्य संकट में नहीं है. सरकार का पूरा ध्यान मिडिल ईस्ट में शांति बहाली और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर है. Maldives ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानूनों और यूनाइटेड नेशन्स के नियमों का पालन करने की बात कही है.
हमलों पर Maldives का क्या रहा है रुख?
Maldives ने केवल एक पक्ष का नहीं बल्कि सभी तरफ से होने वाली हिंसा का विरोध किया है. सरकार की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार कुछ प्रमुख बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- UAE और Saudi Arabia जैसे खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई है.
- इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का भी विरोध किया गया है.
- राष्ट्रपति ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात कर अपनी एकजुटता जताई थी.
- Maldives ने मुस्लिम देशों के बीच एकता बनाए रखने और निर्दोष नागरिकों की जान बचाने पर ज़ोर दिया है.
सोशल मीडिया पर वायरल दावों का सच क्या है?
इंटरनेट पर चल रही सेना भेजने की बातें राष्ट्रपति के बयानों को गलत तरीके से पेश करने का नतीजा हैं. उन्होंने केवल यह कहा था कि अगर कोई देश जवाबी कार्रवाई करता है तो वह सैन्य ठिकानों पर होनी चाहिए न कि मुस्लिम देशों के शहरों या नागरिकों पर. इसी बात को कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया और दावा किया कि Maldives युद्ध में कूदने वाला है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि Maldives केवल कूटनीति के रास्ते पर चल रहा है और शांति का समर्थक है.




