UAE से केरल चुनाव में वोट देने जाना हुआ महंगा, हवाई टिकट 9000 दिरहम तक पहुंचा, 9 अप्रैल को होगा मतदान
केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखें नजदीक आते ही UAE में रहने वाले मलयाली प्रवासियों के बीच हलचल तेज हो गई है। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए कई लोग भारत जाने की योजना बना रहे हैं। लेकिन इस बार का सफर जेब पर काफी भारी पड़ रहा है क्योंकि टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं। कुछ प्रवासी तो अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए 9,000 दिरहम तक खर्च करने को तैयार हैं। हालांकि खाड़ी में चल रहे तनाव और बढ़ते किराए की वजह से यात्रा करने वालों की संख्या में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
NRI वोटरों के लिए क्या हैं जरूरी नियम और शर्तें?
प्रवासी भारतीयों यानी NRIs को वोट देने के लिए मतदान के दिन शारीरिक रूप से पोलिंग स्टेशन पर मौजूद रहना अनिवार्य है। ऑनलाइन वोटिंग, प्रॉक्सी वोटिंग या विदेश से वोट डालने की सुविधा फिलहाल भारतीय कानून में उपलब्ध नहीं है। वोट देने के लिए वोटर को Form 6A के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है और यह उसी पते पर होना चाहिए जो उनके पासपोर्ट में दर्ज है।
- वोटिंग के समय ओरिजिनल इंडियन पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा।
- प्रवासियों के लिए कोई अलग से वोटर आईडी कार्ड (EPIC) जारी नहीं किया जाता है।
- करीब 5 लाख ऐसे NRIs के नाम वोटर लिस्ट से बाहर होने की आशंका है जिनका जन्म भारत से बाहर हुआ है।
- केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस तकनीकी समस्या को लेकर चुनाव आयोग को जानकारी दी है।
हवाई किराए में बढ़ोतरी और यात्रा पर ताजा अपडेट
खाड़ी देशों और केरल के बीच हवाई किराया सामान्य से चार गुना तक बढ़ गया है। पहले जो टिकट 8,000 से 13,000 रुपये में मिल जाता था, अब उसकी कीमत 60,000 रुपये के पार पहुंच गई है। इन बढ़ी हुई कीमतों और क्षेत्रीय तनाव के कारण अनुमान है कि इस बार केवल 5,000 के करीब प्रवासी ही वोट डालने भारत जा पाएंगे, जबकि पहले यह संख्या 50,000 से ज्यादा रहती थी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| चुनाव की तारीख | 9 अप्रैल 2026 |
| नतीजों का ऐलान | 4 मई 2026 |
| टिकट की मौजूदा कीमत | 60,000 रुपये से अधिक (लगभग 2,650 दिरहम) |
| प्रवासियों की संख्या | करीब 20 लाख (खाड़ी देशों में) |
| विशेष वोट फ्लाइट | इस बार संचालन की संभावना बेहद कम |
राजनीतिक हलचल और सरकारी आश्वासन
केरल में मुख्य मुकाबला LDF, UDF और NDA के बीच है। चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री पीनारायी विजयन ने नवंबर 2025 में ही UAE का दौरा कर प्रवासियों से मुलाकात की थी। राजनीतिक दल प्रवासियों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि केरल के चुनावों में प्रवासियों की राय काफी मायने रखती है।
भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने प्रवासियों को आश्वासन दिया है कि भारत और UAE के बीच हवाई सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और घबराने से बचने की सलाह दी है। KMCC जैसी संस्थाएं भी प्रवासियों की मदद के लिए सक्रिय हैं, लेकिन बढ़ते किराए ने उनके लिए भी विशेष फ्लाइट्स का इंतजाम करना मुश्किल कर दिया है।




