अमेरिका और ईरान के बीच भारी तनाव, शेयर बाजार में उठापटक शुरू, कच्चा तेल हुआ महंगा.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई नई धमकियों के बाद दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार 6 अप्रैल 2026 को जब बाजार खुले, तो जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। इसके ठीक उलट चीन के मुख्य इंडेक्स नीचे गिर गए। ट्रंप ने Strait of Hormuz को खोलने के लिए मंगलवार तक का समय दिया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ा असर?
बाजार में चल रही इस उठापटक के बीच कई अहम बदलाव देखे गए हैं। इसका असर सीधे तौर पर तेल की कीमतों और कंपनियों के शेयरों पर पड़ रहा है। मुख्य अपडेट इस प्रकार हैं:
- जापान का Nikkei 225 और Topix Index आज बढ़त के साथ खुले और ऊपर ही रहे।
- दक्षिण कोरिया के Kospi Index में काफी उछाल आया, जहां Samsung जैसी कंपनियों को फायदा हुआ।
- चीन के प्रमुख बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि कई अन्य एशियाई बाजार छुट्टी की वजह से बंद थे।
- कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को उछाल देखा गया, जिसमें Brent crude और WTI दोनों महंगे हुए।
- मिसाइल हमलों की खबरों के बीच अमेरिका में स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप की धमकी और ईरान की जवाबी चेतावनी
ट्रंप ने खुलेआम कहा है कि अगर 7 अप्रैल तक Strait of Hormuz नहीं खोला गया, तो वे ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाएंगे। उन्होंने इसे लेकर काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। दूसरी तरफ ईरान के रक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे बहुत ज्यादा खतरनाक जवाबी कार्रवाई करेंगे। ईरान ने ट्रंप के इस बयान को युद्ध अपराध और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताया है। इस तनाव के बीच UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने सोमवार को कई ड्रोन और मिसाइल खतरों को नाकाम किया है।
प्रवासियों और आम जनता पर प्रभाव
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह तनाव चिंता का विषय है क्योंकि Strait of Hormuz बंद होने से व्यापार और सप्लाई चेन रुक सकती है। सोमवार को ही ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल इजरायल के Haifa में एक इमारत से टकराई है। लेबनान में भी बिना चेतावनी के हवाई हमले हुए हैं जिसमें कई लोगों की जान गई है। अगर यह तनाव और बढ़ता है तो तेल के दाम और बढ़ सकते हैं, जिससे यात्रा करना और सामान मंगाना महंगा हो जाएगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय खबरों और सुरक्षा अपडेट पर नजर बनाए रखें।




