ईरान ने इसराइल पर दागीं कई मिसाइलें, UAE और कुवैत ने भी हवा में मार गिराए ड्रोन, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट.
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा विवाद अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 6 अप्रैल 2026 को ईरान ने इसराइल के रिहायशी और सैन्य इलाकों को निशाना बनाकर 10 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद पूरे मध्य इसराइल और यरूशलेम में खतरे के सायरन बजने लगे और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे। खाड़ी क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि UAE और कुवैत जैसे देशों को भी अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
इस हमले में अब तक क्या-क्या हुआ?
ईरान की ओर से तीन अलग-अलग लहरों में हमले किए गए जिससे तेल अवीव और आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसराइल की सेना यानी IDF ने पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान में जवाबी कार्रवाई करते हुए कई शासन ठिकानों को तबाह कर दिया है।
- तेहरान में इसराइली हमले में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की खबर है।
- हाइफ़ा में एक मिसाइल गिरने से इमारत ढह गई जहां से दो शव बरामद हुए हैं।
- तेल अवीव में शेल्टर की तरफ भागते समय एक 90 साल की बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
- ईरान के पास अभी भी 1,000 से ज्यादा ऐसी मिसाइलें हैं जो इसराइल तक पहुंच सकती हैं।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
यह तनाव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया। कुवैत की सेना ने भी अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए इसी तरह की कार्रवाई की है।
| देश और संस्था | ताज़ा स्थिति और आधिकारिक बयान |
|---|---|
| UAE और कुवैत | ईरान से आए मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किया गया। |
| अमेरिका | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने की चेतावनी दी। |
| संयुक्त राष्ट्र (UN) | बढ़ते सैन्य तनाव और नागरिक ठिकानों पर हमलों की कड़ी निंदा की गई। |
| प्रवासी (Expats) | खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए अलर्ट जारी। |
ईरानी अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि अगर उनके ठिकानों पर और हमले हुए तो वे और भी ज्यादा भयानक जवाबी कार्रवाई करेंगे। फिलहाल अमेरिका और अन्य क्षेत्रीय देश इस तनाव को कम करने के लिए 45 दिनों के युद्धविराम पर चर्चा कर रहे हैं ताकि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को और मुश्किलों का सामना न करना पड़े।




