Trump की धमकियों पर ईरान का पलटवार, प्रोफेसर ने कहा- क्षेत्र को बना देंगे नर्क, ट्रंप के दावों को बताया झूठ
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. Isfahan University के प्रोफेसर Mohsen Farkhani ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि Trump का व्यवहार हैरान करने वाला नहीं है. उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है और ऐसी धमकियों का उन पर कोई असर नहीं होने वाला है.
ईरान ने ट्रंप की धमकियों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रोफेसर Farkhani ने कहा कि Trump के सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई गालियां और धमकियां ईरान के लिए कोई मायने नहीं रखतीं. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान इस पूरे इलाके को उन लोगों के लिए एक जीता-जागता नर्क बना सकता है जो अमेरिकी हितों या Trump के एजेंडे को बढ़ावा देते हैं. उनके मुताबिक, जो व्यक्ति महिलाओं और बच्चों की हत्याओं का जिम्मेदार हो, उसकी धमकियां कोई वजन नहीं रखतीं.
प्रोफेसर ने यह भी कहा कि Trump का नाम Epstein फाइलों में हजारों बार आया है, जिससे उनकी छवि दुनिया के सामने पहले से ही खराब है. उन्होंने उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें Trump ने कहा था कि वह ईरानी अधिकारियों के संपर्क में रहे हैं. ईरान का कहना है कि Trump की भाषा उनके व्यक्तित्व के हिसाब से कोई नई बात नहीं है.
Strait of Hormuz को लेकर क्या है ईरान का रुख?
- Strait of Hormuz पूरी तरह से ईरान के जलक्षेत्र में आता है और इसकी सुरक्षा ईरान की बड़ी प्राथमिकता है.
- प्रोफेसर के अनुसार, अमेरिका ने खुद 66 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संगठनों से नाता तोड़ा है, इसलिए ईरान भी अब पुराने नियमों से बंधा नहीं रहेगा.
- ईरान का मानना है कि Trump अपनी नीतियों में हमेशा अस्पष्टता रखते हैं और अलग-अलग तरह के डरावने माहौल बनाने की कोशिश करते हैं.
- क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उनके सहयोगियों को ईरान की तरफ से भविष्य में कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को जारी यह बयान बताता है कि Trump के हालिया ट्वीट्स में काफी सख्त और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था. इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी समुद्री सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएगा. इस जुबानी जंग से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.




