US और ईरान के बीच युद्ध विराम का नया प्लान, Strait of Hormuz फिर से खुलेगा, पाकिस्तान बना बिचौलिया.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और जंग को रोकने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों को शांति का एक फ्रेमवर्क दिया गया है जिसे सोमवार 6 अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है। इस समझौते का सबसे बड़ा असर यह होगा कि समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता Strait of Hormuz फिर से खोल दिया जाएगा, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां से आने-जाने वाले जहाजों को बड़ी राहत मिलेगी।
युद्ध विराम और समझौते की मुख्य बातें
इस शांति समझौते को दो चरणों में बांटा गया है ताकि धीरे-धीरे शांति बहाल की जा सके। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में एक मुख्य कड़ी बना हुआ है और उसकी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दोनों तरफ से संपर्क में हैं। समझौते की खास बातें नीचे दी गई हैं:
- पहले चरण में 45 दिनों के लिए युद्ध विराम यानी सीजफायर करने का प्रस्ताव है।
- इस दौरान स्थायी शांति के लिए बातचीत की जाएगी और इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
- शांति बहाल होते ही Strait of Hormuz को तुरंत जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा।
- पूरे समझौते को ‘इस्लामाबाद समझौता’ (Islamabad Accord) का नाम दिया जा सकता है।
- पाकिस्तान के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मेमोरेंडम पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी और ईरान की शर्तें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को मंगलवार शाम तक का समय दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर बातचीत से रास्ता नहीं निकला तो कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ईरान का कहना है कि वह किसी दबाव या डेडलाइन को नहीं मानेगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह केवल अस्थायी शांति के लिए Strait of Hormuz को नहीं खोलेगा, उसे भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ पक्की गारंटी चाहिए।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| डेडलाइन | 7 अप्रैल 2026 मंगलवार शाम तक |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की |
| प्रस्तावित सीजफायर | 45 दिन का शुरुआती समय |
| हालिया हमला | तेहरान में इसराइली हमला और UAE पर ड्रोन हमला |
खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि Strait of Hormuz के खुलने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ता है और सुरक्षा की स्थिति भी बेहतर होती है। फिलहाल अगले 48 घंटे इस समझौते के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।




