Qatar के LNG जहाज Strait of Hormuz से वापस लौटे, तनाव के बीच नहीं मिली सुरक्षित जगह, शिपिंग डेटा से मिली जानकारी.
कतर से निकले लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) के दो बड़े जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के करीब पहुंचने के बाद अचानक पीछे हट गए हैं। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इन जहाजों ने सुरक्षा कारणों से अपना रास्ता बदल लिया है। यह घटना 6 अप्रैल 2026 को हुई जब ये जहाज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे थे। पिछले कई हफ्तों से चल रहे क्षेत्रीय तनाव के कारण इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है और कतर के ये जहाज फिलहाल सुरक्षित दूरी बना रहे हैं।
वापस लौटने वाले जहाजों और मौजूदा स्थिति की जानकारी
शिपिंग डेटा के अनुसार 6 अप्रैल को कतर के दो बड़े LNG टैंकर, Al Daayen और Rasheeda, होर्मुज के रास्ते को पार करने की कोशिश में थे लेकिन वे वापस लौट गए। Al Daayen जहाज चीन जा रहा था, जो कतर का सबसे बड़ा LNG खरीदार माना जाता है। अगर ये जहाज सफलतापूर्वक पार हो जाते, तो 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से यह LNG की पहली बड़ी डिलीवरी मानी जाती। फिलहाल कतर एनर्जी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन जहाजों की गतिविधि साफ बताती है कि रास्ता सुरक्षित नहीं है।
क्षेत्र में तनाव और शिपिंग नियमों पर बड़ा अपडेट
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी तनाव के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी जारी की है कि वह खास देशों से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से नहीं जाने देगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कानून और UNCLOS के तहत सभी जहाजों को इस रास्ते से गुजरने का अधिकार है, लेकिन जमीनी हालात अलग हैं। कतर के अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए जहाजों की जानकारी नीचे दी गई है:
| जहाज का नाम | क्षमता / मालिक | संभावित गंतव्य |
|---|---|---|
| Al Daayen | 151,800-cbm (Seapeak) | चीन |
| Rasheeda | 266,000-cbm (Nakilat) | प्रतीक्षारत |
| प्रभावी तारीख | 6 अप्रैल 2026 | वापसी दर्ज की गई |
पाकिस्तान इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि 45 दिनों के लिए संघर्ष विराम हो सके और यह समुद्री रास्ता फिर से खुल सके। फिलहाल कतर के दर्जनों खाली जहाज भी एशिया के अलग-अलग बंदरगाहों पर खड़े हैं क्योंकि गैस उत्पादन और सप्लाई चेन पूरी तरह से प्रभावित हुई है।




