ईरान ने इराक और पाकिस्तान को कहा शुक्रिया, तेहरान में हमले के बाद खाड़ी देशों पर दागी मिसाइल.
ईरान और इसराइल-अमेरिका के बीच जारी तनाव ने अब युद्ध का रूप ले लिया है जिसे ईरान थोपा हुआ युद्ध बता रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और इराक के नागरिकों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है। इसी बीच खबर आई है कि तेहरान में एक बड़े सैन्य अधिकारी की मौत हुई है जिसके बाद ईरान ने इसराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागी हैं। खाड़ी में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
क्या है 45 दिन के सीजफायर का नया प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका को मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की की तरफ से एक नया शांति प्रस्ताव मिला है। इस प्रस्ताव में 45 दिनों के लिए युद्ध रोकने और Strait of Hormuz को फिर से पूरी तरह खोलने की बात कही गई है। फिलहाल ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी धमकी के दबाव में आकर समझौता नहीं करेगा। ईरान का कहना है कि उसने अपनी शर्तें मध्यस्थों को बता दी हैं और वह अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिका के पुराने 15-पॉइंट प्लान को ईरान पहले ही खारिज कर चुका है।
तेहरान में हमला और खाड़ी देशों पर असर
ईरान की राजधानी तेहरान में हाल ही में हवाई हमले हुए हैं जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत हो गई है। ईरान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है। इसके जवाब में ईरान ने इसराइल और खाड़ी के कुछ पड़ोसी देशों की तरफ मिसाइलें दागी हैं। युद्ध की वजह से Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही 90 प्रतिशत तक कम हो गई है जिससे खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मारे गए सैन्य अधिकारी | Maj. Gen. Majid Khademi |
| हवाई हमले में मौतें | 25 से ज्यादा लोग |
| शिपिंग ट्रैफिक गिरावट | 90 प्रतिशत की कमी |
| मध्यस्थ देश | मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की |
| युद्ध की शुरुआत | 28 फरवरी से हमले जारी |




