सऊदी अरब में नया कानून लागू, मिसाइल या ड्रोन हमले की फोटो शेयर की तो होगी कानूनी कार्रवाई, सरकार ने दी चेतावनी
सऊदी अरब की सिविल डिफेंस और आंतरिक मंत्रालय ने एक बहुत जरूरी चेतावनी जारी की है। अब किसी भी मिसाइल या ड्रोन हमले के बाद उसकी फोटो, वीडियो या लोकेशन सोशल मीडिया पर डालना आपको भारी पड़ सकता है। सरकार ने साफ कहा है कि ऐसी संवेदनशील जानकारी साझा करने से देश की सुरक्षा को खतरा होता है और इसे रोकने के लिए सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर करने को लेकर क्या हैं नए नियम?
सऊदी अरब के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी नागरिक या प्रवासी मिसाइल या ड्रोन इंटरसेप्शन से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन नहीं डालेगा। इसमें क्रैश साइट्स की तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन की जानकारी शामिल है। आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, ऐसी सुरक्षा जानकारी को सार्वजनिक करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। अगर कोई भी व्यक्ति X (ट्विटर) या किसी दूसरे प्लेटफार्म पर ऐसी चीजें पोस्ट करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सुरक्षा के लिए किन बातों का रखना होगा ध्यान?
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। किंगडम की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातें बताई गई हैं जिनका पालन करना सबके लिए अनिवार्य है:
- किसी भी संदेहास्पद हवाई गतिविधि की जानकारी Tawakkalna App के जरिए सरकारी विभाग को दें।
- इंटरसेप्शन या क्रैश वाली जगहों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने से पूरी तरह बचें।
- सोशल मीडिया पर अफवाहों को फैलने से रोकें और केवल सरकारी बयानों का इंतजार करें।
- 3 अप्रैल को सुरक्षा बलों ने 5 ड्रोन और 1 बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया था।
सऊदी सुरक्षा बल और रक्षा मंत्रालय लगातार किंगडम की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनता और रक्षा प्रणाली के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए ही रिपोर्टिंग एप की सुविधा दी गई है। प्रवासियों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हों जिससे उनके खिलाफ कानूनी केस दर्ज हो।




