ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर प्लांट के पास फिर हुआ हमला, IAEA प्रमुख की चेतावनी, बोले खाड़ी क्षेत्र में फैल सकता है परमाणु रेडिएशन
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी IAEA ने ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता जताई है। एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने साफ शब्दों में कहा है कि ये हमले बहुत बड़े परमाणु खतरे को न्योता दे रहे हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। हालिया जानकारी के अनुसार एक हमला प्लांट की सीमा से सिर्फ 75 मीटर की दूरी पर हुआ है जिससे सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट पैदा हो सकता है।
हालिया हमलों में क्या हुआ और कितना है खतरा
ताज़ा जानकारी के मुताबिक 4 अप्रैल 2026 को बुशेहर प्लांट के पास हमला हुआ है जो पिछले कुछ हफ्तों में चौथी ऐसी घटना है। इस हमले में प्लांट की सुरक्षा में लगे एक कर्मचारी की मौत हो गई और परिसर के अंदर की एक इमारत को झटका लगा है। IAEA ने सैटेलाइट की तस्वीरों के आधार पर इन हमलों की पुष्टि की है और बताया है कि अब तक रिएक्टर को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुँचा है लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है।
| घटना की तारीख | विवरण |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरान पर हमलों की शुरुआत हुई |
| 18 मार्च 2026 | रिएक्टर से 350 मीटर दूर हुआ हमला |
| 4 अप्रैल 2026 | ताज़ा हमला, बाउंड्री से मात्र 75 मीटर दूर |
| सुरक्षा कदम | 198 कर्मचारी साइट से निकाले गए |
अधिकारियों की चेतावनी और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए क्योंकि इससे गंभीर रेडियोलॉजिकल दुर्घटना हो सकती है। WHO प्रमुख ने भी आगाह किया है कि अगर यहाँ परमाणु रिसाव हुआ तो इसका असर इंसानों की सेहत पर पीढ़ियों तक रहेगा। सुरक्षा को देखते हुए प्लांट से 198 कर्मचारियों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है जबकि करीब 100 रूसी कर्मचारी अभी वहां मौजूद हैं। रूसी कंपनी रोसाटॉम ने हमलों की वजह से यहाँ चल रहे नई यूनिट्स के निर्माण कार्य को भी फिलहाल रोक दिया है।
- परमाणु सुविधा को निशाना बनाना मानव और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक है।
- अभी तक प्लांट के पास रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है।
- विशेषज्ञों ने खाड़ी देशों को जल संदूषण और रेडियोधर्मी रिसाव के प्रति सचेत रहने को कहा है।
- ग्रोसी ने सभी पक्षों से परमाणु सुरक्षा के लिए अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की है।




