अमेरिका का ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, ट्रंप ने दी चेतावनी, कल तक समुद्री रास्ता नहीं खुला तो तबाह होंगे पावर प्लांट
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब बहुत ही गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने सोमवार 6 अप्रैल 2026 को ईरान पर अब तक के सबसे बड़े हमलों की पुष्टि की है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार की शाम तक Strait of Hormuz का समुद्री रास्ता व्यापार के लिए नहीं खोला गया, तो अंजाम और भी बुरा होगा। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती इस सैन्य हलचल ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है।
हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी और अधिकारियों के बयान
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज़ कर दिया है। रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बताया कि सोमवार को किए गए हमले इस युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे व्यापक रहे हैं। राष्ट्रपति Trump ने इस पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और बड़े पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि ईरान को यह फैसला जल्दी लेना होगा कि वह समुद्री रास्ता खोलना चाहता है या अपनी बर्बादी देखना चाहता है। अमेरिका ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि वह सोच-समझकर अपना कदम उठाए।
युद्ध के मैदान से ताजा अपडेट और नुकसान की स्थिति
सोमवार को हुई बमबारी और मिसाइल हमलों के दौरान दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। युद्ध की वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई जानकारी से समझा जा सकता है:
- ईरान की राजधानी तेहरान में हुए हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत की खबर है।
- इजरायल के हाइफा शहर में ईरानी मिसाइल गिरने से एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा और 4 लोगों की मौत हुई।
- IRGC के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खदेमी के भी इस हमले में मारे जाने की रिपोर्ट मिली है।
- ईरान ने अमेरिका के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और इसे एक धमकी बताया है।
- अमेरिकी सेना ने अपने उन दो पायलटों को बचा लिया है जिनका विमान कुछ दिन पहले ईरान में गिर गया था।
ईरान का कहना है कि वह किसी भी दबाव में आकर Strait of Hormuz को नहीं खोलेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की इस चेतावनी को युद्ध अपराध की धमकी बताया है। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई समझौता होता नहीं दिख रहा है। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और तब से अब तक इस क्षेत्र में हजारों लोगों की जान जा चुकी है।




