Qatar पर ईरान से आया ड्रोन और मिसाइल, सिस्टम ने हवा में गिराया, ईरान की हरकतों से परेशान खाड़ी देश.
मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है क्योंकि कतर पर ईरान की ओर से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं. कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनकी सेना ने ईरान से आने वाले कई ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है. पिछले कुछ हफ्तों में हुए इन हमलों से कतर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य खाड़ी देशों में भी अलर्ट जारी है. कतर का डिफेंस सिस्टम मजबूती से काम कर रहा है ताकि लोगों और संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके.
कतर पर हुए हमलों और रक्षा विभाग की कार्रवाई का ब्योरा
मार्च और अप्रैल 2026 के महीने में कतर को कई बार निशाना बनाया गया है. कतर के अमीरी वायु रक्षा बल ने अधिकतर हमलों को नाकाम किया है लेकिन कुछ जगहों पर नुकसान भी हुआ है. इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख | हमले का विवरण | नतीजा और कार्रवाई |
|---|---|---|
| 3 मार्च 2026 | 92 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन | 81 मिसाइलें और 11 ड्रोन गिराए, 16 घायल हुए |
| 4-5 मार्च 2026 | रडार सिस्टम पर हमला (True Promise 4) | 9000 करोड़ का रडार सिस्टम और एयरबेस प्रभावित |
| 17 मार्च 2026 | 14 मिसाइलें और कई ड्रोन | 13 मिसाइलें और सभी ड्रोन हवा में नष्ट किए गए |
| 2-6 अप्रैल 2026 | ड्रोन और क्रूज मिसाइलों की लहर | कतर डिफेंस ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया |
कतर सरकार का रुख और सुरक्षा पर इसका असर
कतर के रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन माना है. सरकार ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके. खाड़ी के अन्य देशों जैसे UAE, कुवैत और बहरीन ने भी इसी तरह के हमलों की रिपोर्ट दी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव है. कतर में काम कर रहे प्रवासियों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
- सेना की मुस्तैदी: कतर के सशस्त्र बल 24 घंटे सीमाओं की निगरानी कर रहे हैं.
- अमेरिकी बेस: कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों के रडार सिस्टम को भी निशाना बनाने की कोशिश हुई है.
- आम जनता के लिए निर्देश: प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करने की अपील की है.
- अंतरराष्ट्रीय जवाब: कतर ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इन हमलों का जवाब देने का अधिकार रखता है.




