Iran-US War Update: पाकिस्तान की शांति कोशिशें आखिरी मोड़ पर, ट्रंप ने दी मंगलवार शाम तक की मोहलत, ईरान में ट्रेन सेवा पर अलर्ट.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की कोशिशें अब एक बेहद संवेदनशील और निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई हैं। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोघम ने बताया है कि शांति बहाली के लिए किए जा रहे प्रयास अब अंतिम चरण में हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार शाम तक का कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर सीजफायर नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
ईरान के राजदूत और ट्रंप की बातचीत पर क्या है अपडेट?
ईरान के राजदूत ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पाकिस्तान अपनी ‘गुड ऑफिस’ भूमिका के तहत युद्ध रोकने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास कर रहा है। उन्होंने फॉलोअर्स से आगे के अपडेट के लिए तैयार रहने को कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसकी पुष्टि की है कि पाकिस्तान के जरिए बैकचैनल बातचीत चल रही है, जिसमें जेडी वेंस और जेरेड कुशनर जैसे नाम शामिल हैं। ट्रंप ने साफ किया है कि पाकिस्तान का दो-चरणीय शांति प्रस्ताव एक बड़ा कदम है, लेकिन वे अपनी डेडलाइन पर कायम हैं।
ईरान में सुरक्षा अलर्ट और मुख्य घटनाक्रम
क्षेत्र में तनाव के बीच इजराइली सेना ने ईरान के लोगों के लिए एक विशेष चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने के कारण लोग रात 9 बजे तक ईरान में ट्रेन यात्रा करने से बचें। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अहम वोटिंग होने वाली है। ईरान की सेना IRGC ने पहले ही कह दिया है कि इस समुद्री रास्ते की स्थिति में अब स्थायी बदलाव आ चुके हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| डेडलाइन | मंगलवार शाम तक सीजफायर का अल्टीमेटम |
| मध्यस्थता | पाकिस्तान का ‘इस्लामाबाद समझौता’ चर्चा में |
| तेल का भाव | कच्चा तेल (WTI) 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचा |
| रेलवे अलर्ट | ईरान में नागरिकों को ट्रेनों से दूर रहने की सलाह |
| प्रस्ताव | पाकिस्तान का 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश |
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पाकिस्तान की इन कोशिशों के लिए आभार जताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान एक निर्णायक और स्थायी शांति चाहता है, न कि केवल अस्थाई समझौता। इस युद्ध की शुरुआत फरवरी 2026 के अंत में हुई थी, जिसका असर अब पूरी दुनिया के बाजार और तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।




