ईरान पर अमेरिका और इसराइल का बड़ा हमला, अल्बोर्ज में 18 लोगों की मौत, ट्रंप ने दी चेतावनी
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। 7 अप्रैल 2026 को ईरान के अल्बोर्ज प्रांत के रिहायशी इलाकों में हुए हवाई हमलों में 18 लोगों की जान चली गई है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में 24 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह पूरा विवाद फरवरी के अंत से शुरू हुआ था और अब ईरान के कई शहरों तक फैल गया है।
ℹ: ईरान और अमेरिका के बीच आर-पार की जंग, राष्ट्रपति बोले 1.4 करोड़ ईरानी अपनी जान देने के लिए तैयार.।
हमले में कहाँ-कहाँ हुआ नुकसान और क्या है स्थिति?
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक, सिर्फ अल्बोर्ज ही नहीं बल्कि तेहरान और अन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया है। इन हमलों का असर रिहायशी बस्तियों और पहाड़ी इलाकों पर भी पड़ा है। तेहरान के पास शहरयार शहर में भी रात भर हुई बमबारी में 9 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा इस्फहान में ईरान की थल सेना के 4 अधिकारियों की मौत अमेरिकी विमानों का मुकाबला करते समय हुई है। खुर्रमाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया है जिससे हवाई सेवाओं पर असर पड़ा है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता नहीं खोला गया, तो वे ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों को पूरी तरह नष्ट कर देंगे। ईरान ने इस पर क्या कहा है और क्या हालात हैं, नीचे देखें:
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनके समेत 1.4 करोड़ से ज्यादा ईरानी लोग देश के लिए जान देने को तैयार हैं।
- ईरान ने 45 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और युद्ध के पूरी तरह खात्मे की गारंटी मांगी है।
- कुवैत में स्थित अली अल-सालेम अमेरिकी एयर बेस पर ड्रोन हमले में 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
- ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इसराइल और कुछ खाड़ी देशों की तरफ मिसाइलें दागी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या है इन हमलों की कानूनी स्थिति?
| प्रभावित क्षेत्र | जान-माल का नुकसान |
|---|---|
| अल्बोर्ज प्रांत | 18 मौतें (2 बच्चे), 24 घायल |
| शहरयार (तेहरान) | 9 नागरिक मारे गए |
| कुवैत (अमेरिकी बेस) | 15 अमेरिकी कर्मचारी घायल |
| इस्फहान | ईरानी सेना के 4 अधिकारियों की मौत |
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका को याद दिलाया है कि रिहायशी बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गलत है। अमेरिका के ही करीब 100 कानून विशेषज्ञों ने कहा है कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह यह सब अपनी रक्षा के लिए कर रहा है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप की धमकियों को हताशा भरा बताया है।




