Saudi पर मिसाइल और ड्रोन अटैक, जुबैल पेट्रोकेमिकल प्लांट में लगी भीषण आग, ईरान ने ली जिम्मेदारी.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सऊदी अरब के जुबैल शहर में मौजूद पेट्रोकेमिकल प्लांट पर बड़ा हमला किया है। 7 अप्रैल 2026 की सुबह हुए इस हमले में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया जिससे औद्योगिक केंद्र में भीषण आग लग गई। IRGC ने इस कार्रवाई को अपने देश के ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों का बदला बताया है। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
हमले के पीछे क्या है मुख्य कारण?
ईरानी सेना के अनुसार यह हमला 6 अप्रैल को ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र और असालुयेह स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हुए इजराइली हमलों के जवाब में किया गया। इजराइल ने दावा किया था कि उसने ईरान के 50 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल उत्पादन को प्रभावित कर दिया है। इसी के जवाब में ईरान ने ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ नामक अभियान चलाया और सऊदी अरब के जुबैल को निशाना बनाया। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया तो वह पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा।
सऊदी अरब में हुए नुकसान का पूरा विवरण
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके डिफेंस सिस्टम ने जुबैल की ओर आने वाली 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। हालांकि मिसाइलों का मलबा औद्योगिक इलाकों में गिरने से नुकसान की संभावना जताई जा रही है। जुबैल औद्योगिक शहर सऊदी अरब का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है जो देश की जीडीपी में 7 से 12 प्रतिशत का योगदान देता है।
- हमले की तारीख: 7 अप्रैल 2026 की सुबह
- हथियारों का इस्तेमाल: बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन
- लक्ष्य: जुबैल का औद्योगिक और पेट्रोकेमिकल परिसर
- जवाबी कार्रवाई: सऊदी एयर डिफेंस ने 7 मिसाइलें इंटरसेप्ट की
- ईरान का दावा: हमले में अमेरिकी कंपनियों के प्लांट को भी निशाना बनाया गया
इस हमले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों पर पड़ सकता है। जुबैल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा करती हैं। सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है।




