Al-Aqsa Mosque पर इजरायली मंत्री की घुसपैठ, अरब पार्लियामेंट ने दी चेतावनी, 39 दिनों से बंद है पवित्र स्थल.
यरूशलेम की पवित्र अल-अक्सा मस्जिद में इजरायली नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir के प्रवेश और मस्जिद को लगातार बंद रखने के फैसले पर अरब पार्लियामेंट ने कड़ी नाराजगी जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह मस्जिद पिछले 38-39 दिनों से लगातार बंद है और इसके चलते क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. अरब पार्लियामेंट के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर और जॉर्डन जैसे देशों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और ऐतिहासिक समझौतों का सीधा उल्लंघन बताया है.
ℹ: अमेरिका की ईरान को बड़ी चेतावनी, JD Vance बोले- अब ईरान के हाथ में है फैसला, कल रात तक का दिया समय.।
अल-अक्सा मस्जिद की वर्तमान स्थिति और विवाद की मुख्य वजहें
इजरायली मंत्री ने 6 अप्रैल 2026 को मस्जिद परिसर में प्रवेश किया, जिसके बाद अरब पार्लियामेंट ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है. अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपल्चर 28 फरवरी 2026 से ही बंद हैं और अब इस बंदी को 15 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया है. इजरायली पुलिस एक ऐसी योजना पर भी काम कर रही है जिसके तहत एक समय में केवल 150 लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिसे फिलिस्तीनी संगठनों ने मस्जिद की पवित्रता और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है.
इन प्रमुख देशों और संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति
- Saudi Arabia और Jordan: जॉर्डन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन और एक अस्वीकार्य उकसावा बताया है.
- Qatar और Egypt: कतर ने इस घुसपैठ की निंदा करते हुए इसे दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काने वाला कदम बताया है.
- Turkey और Pakistan: दोनों देशों ने मस्जिद की ऐतिहासिक और कानूनी पहचान को बदलने की कोशिशों को गलत करार दिया है.
- Arab Parliament: स्पीकर मोहम्मद अहमद अल-यामाही ने स्पष्ट किया कि अल-अक्सा कंपाउंड केवल मुसलमानों के लिए एक इस्लामी पूजा स्थल है.
- Hamas: हमास ने इस कार्रवाई को मस्जिद की पवित्रता को निशाना बनाने वाली एक खतरनाक नीति बताया है.




