अमेरिका ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर किया हमला, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दी जानकारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है। 7 अप्रैल 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक खर्ग आइलैंड पर एयर स्ट्राइक की है। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि यह हमला केवल सैन्य ठिकानों पर किया गया था और इससे तेल से जुड़ी सुविधाओं या बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया है।
इस हमले के पीछे अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि अमेरिका ने खर्ग आइलैंड पर अपने सैन्य लक्ष्यों को काफी हद तक पूरा कर लिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इन हमलों का मतलब अमेरिका की रणनीति में कोई बदलाव नहीं है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना के अनुसार ही काम किया जा रहा है। अमेरिका ने ईरान के सामने कुछ शर्तें रखी हैं और मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला, तो आने वाले समय में बिजली घरों और पुलों जैसे ठिकानों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
ईरान की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है?
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी और अधिकारियों ने इन हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान का दावा है कि इन हमलों की वजह से कुछ नागरिक इलाकों और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुँचा है। ईरान ने अपनी जनता और युवाओं से अपील की है कि वे बिजली घरों की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर मानव श्रृंखला बनाएं। ईरान की सरकार ने फिलहाल 45 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि वे केवल तभी समझौता करेंगे जब युद्ध को पूरी तरह खत्म करने और भविष्य में हमलों के न होने की पक्की गारंटी मिलेगी।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विषय | विवरण |
|---|---|
| हमले की तारीख | 7 अप्रैल 2026 |
| मुख्य निशाना | खर्ग आइलैंड (Kharg Island) के सैन्य ठिकाने |
| अमेरिका की डेडलाइन | मंगलवार रात 8:00 बजे (Eastern Time) |
| ईरान की मांग | युद्ध का स्थायी अंत और सुरक्षा की गारंटी |
| नुकसान की रिपोर्ट | बिजली लाइनें, रेलवे ब्रिज और सैन्य ठिकाने |




