America vs Iran: अमेरिका ने ईरान पर हमले किए तेज़, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुलवाने के लिए ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर हमले किए हैं। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ सकता है क्योंकि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत जरूरी है और इसके बंद होने से तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
- 7 अप्रैल 2026 की समय सीमा खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान के दो पुलों और एक रेलवे स्टेशन पर हवाई हमले किए हैं।
- Kharg Island पर स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी सेना ने दर्जनों बार बमबारी की जानकारी दी है।
- President Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो उनके पावर प्लांट और पुलों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
- अमेरिका ने अब Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने का ऐलान भी किया है जिससे जहाजों की आवाजाही महंगी हो सकती है।
- Secretary of State Marco Rubio ने साफ किया है कि ईरान का जहाजों से टैक्स वसूलना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ईरान का इस तनाव पर क्या रुख है?
ईरान ने अमेरिका के अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को फिलहाल मानने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि वे केवल तभी समझौता करेंगे जब उन पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएंगे और Israel की तरफ से होने वाले हमले रुकेंगे। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ किया है कि उनका देश किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान ने अपना 10 सूत्रीय प्रस्ताव भी पेश किया है लेकिन ट्रंप ने इसे समझौते के लिए काफी नहीं बताया है। इस टकराव की वजह से समुद्र के रास्ते होने वाली सामानों की सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है जिससे खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




