ईरान में भारतीय दूतावास ने जारी किया 48 घंटे का इमरजेंसी अलर्ट, नागरिकों को घर में रहने की सख्त हिदायत.
ईरान में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और बिगड़ते हालातों को देखते हुए तेहरान में भारतीय दूतावास ने 7 अप्रैल 2026 को एक जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान को दी गई चेतावनी के बाद भारतीय नागरिकों को अगले 48 घंटों तक पूरी तरह से घर के अंदर रहने का निर्देश दिया गया है. क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा खतरों को देखते हुए भारत सरकार वहां मौजूद अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.
भारतीयों के लिए दूतावास की नई सुरक्षा गाइडलाइन्स
दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों, जिनमें छात्र, मछुआरे और पर्यटक शामिल हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है. सुरक्षा के मद्देनजर निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:
- अगले 48 घंटों तक किसी भी स्थिति में घर से बाहर न निकलें और अंदर ही रहें.
- बिजली और सैन्य ठिकानों के पास जाने से पूरी तरह परहेज करें.
- बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर रहने के बजाय सुरक्षित स्थानों का चयन करें.
- दूतावास के संपर्क में रहें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
निकासी प्रक्रिया और अब तक का आधिकारिक डेटा
भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) अपने नागरिकों को संघर्ष वाले क्षेत्रों से बाहर निकालने के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान जैसे पड़ोसी देशों के साथ तालमेल बिठा रहा है. निकासी अभियान की ताजा जानकारी नीचे दी गई है:
| नागरिकों की श्रेणी | निकाले गए लोगों की संख्या |
|---|---|
| कुल भारतीय नागरिक | 1,862 |
| भारतीय छात्र | 935 |
| भारतीय मछुआरे | 472 |
| निकासी का मार्ग | आर्मेनिया और अज़रबैजान |
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने निकासी में सहयोग के लिए आर्मेनियाई सरकार का आभार व्यक्त किया है. दूसरी ओर ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी अल्टीमेटम को खारिज कर दिया है और वहां के धार्मिक नेताओं ने जनता से प्रतिरोध बनाए रखने की अपील की है. दूतावास ने होटलों में ठहरे भारतीयों को भी अपनी टीमों के साथ नियमित संपर्क में रहने का निर्देश दिया है.




