Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर, ट्रंप ने दी चेतावनी, होरमुज़ को लेकर छिड़ा विवाद.
खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के लिए 7 अप्रैल की रात तक का समय दिया है। इस बीच अमेरिकी और इसराइली सेना ने ईरान के कई सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं जिससे वहां की बिजली व्यवस्था और पुलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
ईरान में किन जगहों पर हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
अमेरिकी और इसराइली सेना ने ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। Kharg Island पर स्थित सैन्य ठिकानों और Alborz प्रांत में बिजली की लाइनों पर हमले हुए हैं जिससे वहां अंधेरा छा गया है। इसराइली सेना ने ईरान के करीब 8 बड़े पुलों और तीन एयरपोर्ट को भी निशाना बनाने की पुष्टि की है। इसके साथ ही तेहरान के पास सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें गिरी हैं जिससे आम जनजीवन पर काफी असर पड़ा है।
अमेरिका और ईरान की तरफ से क्या दिए गए बड़े बयान?
दोनों देशों के बीच जुबानी जंग भी काफी तेज हो गई है। यहाँ मुख्य घटनाक्रम और बयान दिए गए हैं:
- President Donald Trump ने कहा है कि अगर शर्तें नहीं मानी गई तो ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए जा सकते हैं।
- ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है जिसमें सभी प्रतिबंध हटाने की मांग की गई है।
- Iranian President Masoud Pezeshkian ने कहा कि ईरानी नागरिक किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।
- UN Secretary-General Antonio Guterres ने नागरिक ठिकानों पर हमलों को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है।
- IAEA प्रमुख ने ईरान के Bushehr Nuclear Power Plant के पास हो रहे हमलों पर चिंता जताई है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे जरूरी तेल रास्तों में से एक है और खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था इस पर निर्भर करती है। अगर यह रास्ता बंद रहता है तो तेल की सप्लाई पर भारी असर पड़ सकता है जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा। US Central Command की कोशिश है कि इस रास्ते को सुरक्षित बनाया जाए ताकि जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सके। अभी इस रास्ते पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे की वजह से जहाजों का आना-जाना बहुत कम हो गया है।




