Pakistan के PM ने Trump से की बड़ी अपील, मिडिल ईस्ट में युद्ध रोकने के लिए मांगा 2 हफ्ते का समय, Strait of Hormuz पर तनाव जारी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को शांत करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से मंगलवार की रात वाली डेडलाइन को दो हफ्ते के लिए आगे बढ़ाने की गुजारिश की है। पाकिस्तान का मानना है कि अगर थोड़ा समय और मिलता है, तो बातचीत के जरिए शांति का रास्ता निकाला जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी कूटनीतिक कोशिशें सही दिशा में जा रही हैं और जल्द ही इसके ठोस नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
पाकिस्तान की शांति योजना और ट्रंप की चेतावनी के बीच क्या चल रहा है?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति Trump ने चेतावनी दी थी कि अगर 7 अप्रैल की शाम तक Strait of Hormuz को दोबारा नहीं खोला गया, तो ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा। इसी दबाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने हाथ-पांव मारना शुरू किया है। पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर एक 5-पॉइंट शांति प्रस्ताव भी पेश किया है, जिसमें जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है।
Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया पर क्या असर पड़ रहा है?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है और इसके बंद होने से वैश्विक व्यापार पर सीधा असर पड़ा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने भी माना है कि युद्ध की वजह से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, हालांकि अभी तक पाकिस्तान को मिलने वाले पैसों यानी रेमिटेंस पर बुरा असर नहीं पड़ा है। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि इस रास्ते की अहमियत क्या है:
| विषय | महत्वपूर्ण आंकड़े |
|---|---|
| वैश्विक तेल सप्लाई | दुनिया का लगभग 21 प्रतिशत तेल यहीं से गुजरता है |
| LNG व्यापार | दुनिया का 25 प्रतिशत गैस व्यापार इस रास्ते पर निर्भर है |
| जहाजों की संख्या | सामान्य दिनों में 138 जहाज रोजाना चलते थे, अब यह संख्या 10-20 रह गई है |
| पाकिस्तान का प्रस्ताव | तेहरान को 15-पॉइंट का शांति प्लान भेजा गया है |
| फर्टिलाइजर एक्सपोर्ट | दुनिया के खाद निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी रूट से होता है |
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ता है। अगर युद्ध और खिंचता है तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी जिससे महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, समुद्री रास्ता बंद होने से सामानों की सप्लाई में देरी हो रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने बताया कि दो पाकिस्तानी जहाज वहां फंस गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया। खाड़ी देशों में काम करने वाले लोग इस स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं क्योंकि उनके रोजगार और सुरक्षा का सवाल इससे जुड़ा हुआ है।




