UAE में सुनाई दी धमाकों की आवाज़, रक्षा मंत्रालय ने बताया ईरान की मिसाइलें और ड्रोन हवा में गिराए गए, घर में रहने की सलाह.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से तेज़ धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं जिससे लोगों में चिंता बनी हुई है. यूएई के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ये आवाज़ें सुरक्षा प्रणालियों द्वारा ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की वजह से आ रही हैं. प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है.
हवा में ही नष्ट किए गए ईरान के ड्रोन और मिसाइलें
मंत्रालय ने साफ़ किया है कि ये आवाज़ें ज़मीन पर किसी विस्फोट की नहीं बल्कि डिफेंस सिस्टम द्वारा किए गए बचाव कार्यों की हैं. एयर डिफेंस सिस्टम लगातार आने वाले खतरों को पहचान कर उन्हें रिहाइशी इलाकों से दूर हवा में ही मार गिरा रहा है. 8 अप्रैल 2026 को हुई कार्रवाई के दौरान मलबे की वजह से कुछ नुकसान भी रिपोर्ट किया गया है.
| तारीख | इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें | इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन |
|---|---|---|
| 6 अप्रैल 2026 | 14 (बैलिस्टिक और क्रूज़) | 19 UAVs |
| 7 अप्रैल 2026 | 1 बैलिस्टिक मिसाइल | 11 ड्रोन |
| 8 अप्रैल 2026 | डिफेंस अलर्ट जारी | कार्रवाई जारी |
ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 8 अप्रैल को हुए बचाव कार्य के दौरान हवा में नष्ट हुए मलबे से तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक भारतीय नागरिक और दो यूएई के नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा हबशान गैस फैसिलिटी में मलबे की वजह से आग लगने के बाद वहां काम अस्थाई रूप से रोक दिया गया है.
आम जनता के लिए जरूरी निर्देश और सुरक्षा नियम
- सभी निवासियों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे अलर्ट के दौरान घरों के अंदर ही रहें.
- किसी भी गिरे हुए मलबे या ड्रोन के टुकड़ों को छूने, उनके पास जाने या उनकी फोटो लेने की कोशिश न करें.
- केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और NCEMA द्वारा जारी की गई सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
- आपातकालीन अलर्ट मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें.
रक्षा मंत्रालय ने दोहराया है कि यूएई की सेना देश की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार और हाई अलर्ट पर है. प्रवासी भारतीयों सहित सभी निवासियों को सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके. सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने और केवल पुख्ता जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है.




