UAE में ईरान के हमलों से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची NHRI की टीम, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों का किया दौरा
UAE के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल ह्यूमन राइट्स इंस्टीट्यूशन (NHRI) की एक टीम ने दौरा किया है. यह टीम ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद जमीनी हालात और वहां रहने वाले लोगों पर पड़े असर को देख रही है. टीम के चेयरमैन Dr Salem Al Neyadi ने बताया कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों के तहत मिलने वाली सुरक्षा का उल्लंघन हैं. इस दौरे का मकसद प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों की स्थिति को करीब से समझना है.
किन जगहों का किया गया दौरा और क्या रही प्राथमिकता
NHRI की टीम ने उन जगहों को चुना जहां आम जनता और जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा है. टीम ने हमलों से हुए नुकसान को समझने के लिए बारीकी से जांच की है. इस दौरान निम्नलिखित जगहों का जायजा लिया गया:
- देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की स्थिति देखी गई.
- मेडिकल सेंटर्स और अस्पतालों में जाकर सेवाओं और वहां हुए नुकसान को परखा गया.
- उन रिहायशी इलाकों का दौरा किया गया जहां आम परिवार और लोग रहते हैं.
- टीम ने निवासियों से मिलकर यह जानने की कोशिश की कि वे इन हालातों का सामना कैसे कर रहे हैं.
NHRI की जिम्मेदारी और कानूनी पहलू
NHRI का यह कदम उसकी कानूनी जिम्मेदारियों का हिस्सा है जिसके तहत उसे UAE के भीतर मानवाधिकारों की निगरानी करनी होती है. डॉ. सलेम अल नेयादी ने बताया कि वर्तमान संघर्ष के दौरान इन प्रभावित जगहों पर जाना उनकी संस्था की जिम्मेदारी है.
| अधिकारी/संस्था | मुख्य जिम्मेदारी | जांच का विषय |
|---|---|---|
| Dr Salem Al Neyadi | NHRI चेयरमैन | मानवाधिकार उल्लंघन की निगरानी |
| NHRI डेलिगेशन | कानूनी संस्था | इंफ्रास्ट्रक्चर और आवासीय नुकसान |
UAE में रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए भी यह अपडेट महत्वपूर्ण है. संकट के समय में सरकारी संस्थाओं द्वारा सुरक्षा और मानवाधिकारों की जांच करना आम जनता के भरोसे को बनाए रखने में मदद करता है. टीम ने साफ़ किया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना गलत है.




