इसराइल ने किया साफ़, ईरान के साथ सीज़फ़ायर में हिज़्बुल्लाह शामिल नहीं, हमला रहेगा जारी.
इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति और साफ़ हो गई है। उन्होंने साफ़ कहा है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता या सीज़फ़ायर होता है, तो उसमें हिज़्बुल्लाह को शामिल नहीं माना जाएगा। इसराइल लगातार हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। यह जानकारी 8 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर सामने आई है।
ईरान और हिज़्बुल्लाह को लेकर इसराइल का क्या है नया स्टैंड?
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ युद्धविराम की किसी भी संभावना का असर हिज़्बुल्लाह के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन पर नहीं पड़ेगा। इसराइल का मानना है कि हिज़्बुल्लाह एक अलग खतरा है और उस पर हमले जारी रहेंगे। इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में सीमा पर तनाव और बढ़ सकता है। आम लोगों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि इसराइल अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी समझौते के मूड में नहीं दिख रहा है।
इस बयान से जुड़ी कुछ अहम बातें
- बयान की तारीख: यह बयान आधिकारिक तौर पर 8 अप्रैल 2026 को दिया गया है।
- मुख्य संगठन: इसमें इसराइल, ईरान और हिज़्बुल्लाह के बीच के समीकरण को साफ़ किया गया है।
- हमलों पर फैसला: इसराइल ने साफ़ कहा है कि वह हिज़्बुल्लाह को मारना जारी रखेगा।
- रिपोर्ट का स्रोत: इस खबर की पुष्टि Al Jazeera English के माध्यम से की गई है।
- क्षेत्रीय प्रभाव: इस फैसले का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और शांति प्रयासों पर पड़ सकता है।




