Qatar ने लेबनान पर इजरायली हमलों की निंदा की, बताया खतरनाक और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन, 250 से ज्यादा की मौत.
कतर के विदेश मंत्रालय ने लेबनान पर इजरायल की ओर से किए जा रहे हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। बुधवार 8 अप्रैल 2026 को जारी एक बयान में कतर ने इन हमलों को बेहद खतरनाक और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है। कतर ने चेतावनी दी है कि इस तरह के बढ़ते तनाव से पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इन हमलों के कारण लेबनान के कई हिस्सों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
कतर ने इजरायल के हमलों पर क्या कहा है?
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इजरायली हमले लेबनान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन हैं। कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि इजरायल को इन हमलों को तुरंत रोकने के लिए मजबूर किया जाए और उसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। कतर ने साफ किया है कि वह लेबनान की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से उसके साथ खड़ा है। यह भी कहा गया कि इजरायल की ये हरकतें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 की अनदेखी करती हैं।
लेबनान में हुए हमलों से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारी
इजरायली हमलों ने लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाया है, जिसके आंकड़े और स्थिति की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 8 अप्रैल 2026 |
| कुल मौतें | कम से कम 254 लोग |
| घायलों की संख्या | 1,165 से ज्यादा लोग |
| प्रभावित इलाके | Beirut, Baalbek, Hermel, Sidon, और Tyre |
| प्रमुख निशाना | Lebanese University की फैकल्टी ऑफ साइंसेज और अन्य क्षेत्र |
खाड़ी में रहने वाले लोगों पर इसका क्या असर होगा?
कतर और अन्य खाड़ी देशों द्वारा इस मामले पर कड़ा रुख अपनाने से क्षेत्र की कूटनीति पर असर पड़ सकता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जरूरी है कि वे क्षेत्र के हालात पर नजर रखें, क्योंकि इस तरह के तनाव अक्सर हवाई यात्राओं और सुरक्षा नियमों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, कतर ने लेबनान की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन बड़े स्तर पर होने वाली यह हिंसा मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।





