अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का युद्ध विराम, चीन ने शांति के लिए की बड़ी अपील, कल पाकिस्तान में होगी बातचीत.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक राहत भरी खबर आई है। दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के लिए युद्ध विराम पर सहमति बन गई है, जो 8 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। चीन ने इस फैसले का स्वागत किया है और सभी पक्षों से मिडिल ईस्ट में जल्द से जल्द शांति बहाल करने की अपील की है। पाकिस्तान ने इस समझौते को करवाने में बड़ी भूमिका निभाई है और अब अगली बातचीत के लिए दोनों पक्ष पाकिस्तान में मिलने वाले हैं।
इस समझौते की मुख्य शर्तें और नियम क्या हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने के लिए तैयार हो गया है। यह समझौता फिलहाल 14 दिनों के लिए किया गया है। ईरान ने अपनी शर्तों में मांग की है कि उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिकी सेना को इलाके से बाहर किया जाए। हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि इस समझौते में लेबनान शामिल नहीं है और वहां हिजबुल्ला के खिलाफ कार्रवाई जारी रह सकती है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने लेबनान में हमले नहीं रोके, तो वह समझौते को तोड़ सकता है।
चीन और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सभी देशों को शांति के इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। चीन का मानना है कि इस पूरे विवाद की जड़ अमेरिका और इसराइल के सैन्य ऑपरेशन हैं। पाकिस्तान अब 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शांति वार्ता की मेजबानी करेगा, जहां आगे का रास्ता तय किया जाएगा। भारत, रूस और यूरोपीय संघ जैसे कई देशों ने भी इस कदम को सही बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे इलाके में फिर से स्थिरता लौटेगी।
| खास जानकारी | विवरण |
|---|---|
| युद्ध विराम की शुरुआत | 8 अप्रैल 2026 |
| शांति वार्ता की तारीख | 10 अप्रैल 2026 |
| बातचीत का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| समझौते की अवधि | 14 दिन |
| मुख्य मांग | हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना |




