Israel IDF Operation: इसराइल ने हिज़्बुल्लाह कमांडर और 7 अक्टूबर के हमलावर को मार गिराया, लेबनान में मची अफरातफरी.
इसराइली सेना (IDF) ने लेबनान और गाज़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई मुख्य चरमपंथियों को खत्म करने का दावा किया है। इनमें हिज़्बुल्लाह से जुड़े लेबनानी रेजिस्टेंस ब्रिगेड का एक सीनियर कमांडर और गाज़ा में 7 अक्टूबर के हमले में शामिल एक लड़ाका भी शामिल है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और ईरान ने इन हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में दो हफ्ते का युद्धविराम लागू होने की बात कही जा रही थी।
किन बड़े आतंकियों और कमांडरों को इसराइल ने बनाया निशाना?
IDF की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग ऑपरेशन चलाकर कई अहम लोगों को निशाना बनाया गया है। इन ऑपरेशनों में मारे गए लोगों की जानकारी नीचे दी गई है:
- Maher Qassem Hamdan: यह दक्षिण लेबनान में लेबनानी रेजिस्टेंस ब्रिगेड का कमांडर था। इस पर हथियारों की सप्लाई और भर्ती का जिम्मा था।
- Abd al-Rahman Ammar Hassan Khudari: यह इस्लामिक जिहाद का लड़ाका था जिसने 7 अक्टूबर के हमले में हिस्सा लिया था, इसे उत्तरी गाज़ा में मार गिराया गया।
- Ali Yusuf Harshi: यह हिज़्बुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम का निजी सचिव और भतीजा था, जिसे बेरूत में एक स्ट्राइक के दौरान मारा गया।
- Hamas Terrorists: खुदेरी के साथ हुई कार्रवाई में हमास से जुड़े तीन अन्य आतंकियों को भी ढेर किया गया है।
ईरान की चेतावनी और पश्चिम एशिया के ताज़ा हालात
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद अध्यक्ष एम.बी. गालीबाफ़ ने इसराइल के इन हमलों की निंदा की है। उनका कहना है कि इसराइल मौजूदा युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है जिससे क्षेत्र में स्थिरता को खतरा है। वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधे बातचीत की पेशकश की है जिसमें हथियारों को छोड़ने पर ज़ोर दिया गया है।
| तारीख (2026) | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| 5 अप्रैल | गाज़ा में इस्लामिक जिहाद का लड़ाका खुदेरी मारा गया। |
| 8 अप्रैल | लेबनान में कमांडर हमदान और बेरूत में अली यूसुफ हर्षी मारे गए। |
| 9 अप्रैल | ईरान ने इसराइल पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया। |
| फरवरी से अब तक | 8.15 लाख यात्री पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं। |
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी के बाद से अब तक करीब 8 लाख 15 हजार यात्री पश्चिम एशिया के देशों से भारत आ चुके हैं। यह संख्या उन भारतीयों के लिए अहम है जो गल्फ देशों में रहते हैं या वहां लगातार यात्रा करते हैं, क्योंकि बिगड़े हुए सुरक्षा हालातों का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ रहा है।




