मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स ने लेबनान पर हमले के लिए इसराइल को घेरा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की दखल की मांग.
मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स ने लेबनान के विभिन्न हिस्सों में इसराइल द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। अबू धाबी में जारी एक बयान में काउंसिल ने कहा कि यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। काउंसिल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी निभाएं और मासूम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाएं। यह बयान 9 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है जिसमें लेबनान की जनता के प्रति एकजुटता जाहिर की गई है।
लेबनान हमले और मौजूदा स्थिति से जुड़ी मुख्य जानकारी क्या है?
लेबनान में हुई हालिया सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। 8 अप्रैल 2026 को हुए हमलों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है जिसे हाल के समय की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक माना जा रहा है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों की अनदेखी बताया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज करने की बात कही है। इस संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी चिंता बढ़ गई है।
| तारीख / घटना | मुख्य विवरण |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | लेबनान में भीषण बमबारी, 203 लोगों की मौत और 1000 से ज्यादा घायल। |
| 9 अप्रैल 2026 | मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स और अल-अजहर ने हमले की कड़ी निंदा की। |
| ईरान की प्रतिक्रिया | ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का फैसला लिया। |
| इसराइल का रुख | प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सुरक्षा बहाल होने तक हमले जारी रखने का ऐलान किया। |
दुनिया के अन्य देशों ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
लेबनान पर हुए इस हमले के बाद दुनिया भर के नेताओं ने अपनी राय रखी है और शांति की अपील की है। कई देशों का मानना है कि लेबनान को भी युद्धविराम समझौतों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि हिंसा पर पूरी तरह रोक लग सके। मुस्लिम काउंसिल ऑफ एल्डर्स ने शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत के रास्ते पर जोर दिया है।
- ब्रिटेन: विदेश सचिव यवेट कूपर ने लेबनान पर हमलों को पूरी तरह गलत बताया और युद्धविराम की मांग की।
- रूस और फ्रांस: इन देशों ने जोर दिया कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम में लेबनान को शामिल करना जरूरी है।
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लेबनान के खिलाफ इसराइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।
- अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लेबनान वर्तमान युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं था।




