कुवैत ने लेबनान पर इजराइली हमलों की सख्त निंदा की, कहा- यह अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन.
कुवैत ने लेबनान पर हो रहे इजराइली हमलों पर बहुत सख्त नाराजगी जताई है। कुवैत के विदेश मंत्रालय और कैबिनेट ने इन हमलों को लेबनान की सुरक्षा और वहां की शांति के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। कुवैत के विदेश मंत्री ने अपने लेबनानी साथी मंत्री से फोन पर बात की और मुश्किल समय में लेबनान के साथ खड़े रहने का वादा किया है। इन हमलों की वजह से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।
कुवैत सरकार ने इन हमलों पर क्या रुख अपनाया है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि इजराइल की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सीधा उल्लंघन है। कुवैत ने इन हमलों को एक खतरनाक कदम बताया है जिससे लेबनान की संप्रभुता को चोट पहुंची है। कुवैती कैबिनेट ने भी स्पष्ट किया है कि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाने जैसा है। कुवैत ने दुनिया भर के देशों और सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें और इन हमलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं।
लेबनान में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
8 और 9 अप्रैल 2026 को हुए इन हवाई हमलों में लेबनान को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों में सैकड़ों आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर की है।
- मरने वालों की संख्या: बुधवार को हुए हमलों में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई।
- घायलों की संख्या: करीब 1,165 लोग इन हमलों में जख्मी हुए हैं।
- अरब लीग का बयान: अहमद अबुल घीत ने इन हमलों को बर्बर बताया है।
- संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया: यूएन ने नागरिकों की मौत पर दुख जताया और इसे भयावह स्थिति कहा है।
कुवैत ने फिर से दोहराया है कि वह लेबनान की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से लेबनान के साथ है। अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने भी जल्द से जल्द शांति बहाल करने की मांग की है।




