Saudi पर हमले के बाद भड़का युद्ध का डर, Air India और IndiGo की उड़ानें रद्द, यात्रियों के लिए नई एडवायज़री जारी.
मिडिल ईस्ट में ईरान और सऊदी अरब के बीच छिड़ा तनाव अब गंभीर मोड़ ले चुका है। हालिया हमलों के बाद पूरे अरब जगत में युद्ध भड़कने का डर दोबारा पैदा हो गया है, जिसका सीधा असर उड़ानों और आम यात्रियों पर पड़ रहा है। सऊदी अरब के औद्योगिक शहर अल जुबैल पर हुए धमाकों ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है और दुनिया भर की बड़ी एयरलाइंस अब इस क्षेत्र के हवाई क्षेत्र से बचने की कोशिश कर रही हैं। यह स्थिति 28 फरवरी 2026 को ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से और भी खराब हुई है।
किन फ्लाइट्स पर पड़ा है असर और क्या है एयरलाइंस का अपडेट?
यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताते हुए एयरलाइंस के लिए अपनी चेतावनी 24 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी है। इसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ा है। भारत की प्रमुख एयरलाइंस ने अपने शेड्यूल में बड़े बदलाव किए हैं।
- Air India और IndiGo: इन कंपनियों ने सऊदी अरब के दम्माम, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन के लिए अपनी कई नियमित उड़ानें 8 अप्रैल से निलंबित कर दी हैं।
- Air France: एयर फ्रांस ने दुबई, रियाद, तेल अवीव और बेरूत की उड़ानें 3 मई 2026 तक के लिए रोक दी हैं।
- सुरक्षा अलर्ट: अमेरिका ने अपने नागरिकों को सऊदी अरब की यात्रा पर दोबारा विचार करने और हज यात्रा की योजनाओं की समीक्षा करने की सलाह दी है।
सऊदी अरब में सुरक्षा और हमलों का वर्तमान डेटा
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में पूर्वी प्रांत की ओर दागी गईं पाँच बैलिस्टिक मिसाइलों और नौ ड्रोनों को मार गिराने की पुष्टि की है। इन हमलों का सीधा असर देश की तेल उत्पादन क्षमता पर पड़ा है और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| रोके गए हवाई खतरे | 894 (3 मार्च से 7 अप्रैल के बीच) |
| उत्पादन में कमी | 6,00,000 बैरल प्रतिदिन |
| मृत्यु और घायल | 1 की मौत, 7 लोग घायल |
| प्रतिबंधित देश | ईरान, यमन, सीरिया, लेबनान और सोमालिया |
प्रवासियों और यात्रियों के लिए क्या हैं नए नियम?
सऊदी अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाले किंग फहद कॉजवे पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया था। इसके अलावा सऊदी नागरिकों के लिए कुछ देशों की यात्रा बिना अनुमति के प्रतिबंधित कर दी गई है और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मक्का में प्रवेश के लिए 18 अप्रैल 2026 से और भी सख्त नियम लागू किए जाएंगे, इसलिए जो लोग उमराह या हज की योजना बना रहे हैं उन्हें नए नियमों का पालन करना होगा। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व का यह विवाद एक बड़े युद्ध की कगार पर पहुँच गया है जिसे रोकना बेहद जरूरी है।




