Kuwait और Saudi पर ड्रोन अटैक, नेशनल गार्ड साइट और पाइपलाइन को पहुंचा नुकसान, ईरान ने आरोपों को नकारा
Kuwait और Saudi Arabia में गुरुवार रात अचानक ड्रोन हमले हुए। इन हमलों में Kuwait की नेशनल गार्ड साइट और सऊदी अरब की एक बड़ी पाइपलाइन को काफी नुकसान पहुंचा है। Kuwait सरकार ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान और उसके समर्थित गुटों को जिम्मेदार ठहराया है।
कुवैत और सऊदी अरब में क्या हुआ?
9 अप्रैल की शाम को कुवैत के महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया गया। इसमें नेशनल गार्ड की एक साइट पर भारी भौतिक नुकसान हुआ, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी इंसान की जान नहीं गई। वहीं Saudi Arabia में भी ड्रोन हमलों की खबर आई है, जिससे वहां की एक मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने हमलों के दौरान सक्रिय रहकर जवाब दिया था।
ईरान और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?
Kuwait के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का बड़ा उल्लंघन बताया है। उन्होंने ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया समूहों पर आरोप लगाए हैं। दूसरी तरफ ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारा है। ईरान का कहना है कि अगर हमले हुए हैं, तो यह अमेरिका या इसराइल का काम हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान के साथ हुए दो हफ्ते के युद्धविराम की प्रभावशीलता पर शक जताया है।
आगे क्या होगा और मीटिंग कहां होगी?
इस तनाव को कम करने और विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होने वाली है। यह महत्वपूर्ण मीटिंग शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद शहर में होगी। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे ईरान और उसके गुटों को ऐसी शत्रुतापूर्ण हरकतें तुरंत बंद करने के लिए मजबूर करें ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।




