Kuwait Drone Attack: कुवैत में ड्रोन हमले के बाद अस्पताल पहुंचे नेशनल गार्ड चीफ, ईरान और उसके गुर्गों पर लगाए गंभीर आरोप
कुवैत में तनाव काफी बढ़ गया है। 9 अप्रैल की शाम को देश के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी बीच नेशनल गार्ड चीफ मुबारक हमूद अल-जाबर अल-सबाह ने Jaber Al-Ahmad Hospital जाकर हमले में प्रभावित लोगों का हाल जाना और उन्हें सांत्वना दी।
हमला किसने किया और कुवैत का क्या कहना है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए इस हमले के लिए ईरान और उसके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला कुवैत की सीमा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2817 के तहत ईरान से अपनी सारी दुश्मन हरकतें तुरंत बंद करने की मांग की है और अपना बचाव करने का हक जताया है।
कितना हुआ नुकसान और क्या था असर?
कुवैत नेशनल गार्ड ने पुष्टि की है कि उनके एक ठिकाने पर ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है, हालांकि प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल डॉ. जदान फादेल ने बताया कि उनके ठिकाने पर कोई घायल नहीं हुआ। वहीं, कुवैत की सेना के एयर डिफेंस ने कई ड्रोन को रोकने की कोशिश की, क्योंकि हमलावर ड्रोन देश के हवाई क्षेत्र में घुसकर कई महत्वपूर्ण installations को निशाना बना रहे थे।
ईरान का जवाब और आगे की स्थिति क्या है?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इन तमाम आरोपों को नकार दिया है। ईरान का दावा है कि उसने खाड़ी देशों पर कोई हमला नहीं किया और यह सब अमेरिका या इजरायल की साजिश हो सकती है। अब दुनिया की नजरें 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका और ईरान की बातचीत पर हैं, जहां इस विवाद को सुलझाने की कोशिश होगी। कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबर अल-सबाह ने पहले ही सुरक्षा स्तर बढ़ाने के आदेश दे दिए थे।





